पैर में चोट का वेल्लोर में कराया इलाज, नहीं मानी हार
उसे पैर में चोट के ऑपरेशन के लिए सीएमसी वेल्लोर जाना पड़ा. दो साल का ड्रॉप भी लेना पड़ा. बावजूद कठिन संघर्ष करते हुए आईआईटी क्रैक किया. इस कठिन सफर में परिवार ने भी उसकी भरपूर मदद की. वनस्थली विद्यापीठ, धावाचिता से पढ़ाई कर दसवीं बोर्ड में 84 फीसदी और शहीद शक्ति नाथ महतो स्कूल से 12वीं में 71 फीसदी अंक प्राप्त किया. गार्ड की नौकरी निभाते हुए पिता नंदकिशोर दास ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया. उनकी भी नौकरी स्थायी नहीं है. हालांकि पुत्र पढ़ाई में लगा रहा और उसका नतीजा भी बेहतर रहा.इंजीनियरिंग का कॉन्सेप्ट करता है रोमांचित
अभिषेक ने बताया कि इंजीनियरिंग का कॉन्सेप्ट उसे रोमांचित करता है. इसलिए आईआईटी-मुंबई में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला किया और दाखिले के लिए चयनित भी हो गए. उन्होंने अपने इस इरादे से माता-पिता को भी अवगत कराया. कहा कि घर पर रहकर ही आईआईटी जेईई की तैयारी की. यू ट्यूब चैनल अनएकेडमी से सेल्फ स्टडी करते थे. अभिषेक के पिता बताते हैं कि आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. मगर लोन लेकर भी आईआईटी की पढ़ाई पूरी कराएंगे. वनस्थली विद्यापीठ के सचिव हरि प्रसाद महतो, प्राचार्य ध्रुब नारायण चौबे, डॉ संजय कुमार दास, शुभम चौरसिया, मोहन देव, राजय मुंशी, राजकुमार दास, किशुन दास, दिनेश दास, दसरथ दास मनोज दास, उपेंद्र कुमार आदि ने शुभकामना व्यक्त की है. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-goods-train-derailed-at-kumaon-station-change-in-operation-of-many-trains/">धनबाद:कुमाऊं स्टेशन पर मालगाड़ी बेपटरी, कई ट्रेनों के परिचालन में बदलाव [wpse_comments_template]
















































































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