alt="" width="300" height="135" /> तिरंगे को सलामी देते सुरक्षाकर्मी[/caption] हर्ल के प्रशासनिक भवन ग्राउंड में हर्ल सिंदरी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिप्तेन राय ने झंडोत्तोलन कर परेड की सलामी ली. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अभी हमने 65 प्रतिशत उत्पादन लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. हमारा लक्ष्य शत प्रतिशत लोड पर सस्टेन लोड टेस्ट, पीजीटी व 5 जी कैल प्रति टन उर्जा दक्षता हासिल करना है. उन्होंने कहा कि एलएसटीके व नन एलएसटीके संवेदकों के साथ इन लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है. विगत 5 अक्टूबर को अमोनिया का प्रथम ड्राप व 10 अक्टूबर से हर्ल लगातार अमोनिया का उत्पादन कर रही है. विगत 7 नवंबर से यूरिया का उत्पादन शुरू हुआ. 38310 टन उत्पादन के साथ 31196 टन यूरिया सड़क व रेलमार्ग से भेजा जा चुका है. पहला मिनी रैक 12 जनवरी को व पूर्ण रैक 25 जनवरी को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि हर्ल एमडी व चेयरमैन द्वारा हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया गया है. स्थानीय कल्याण केंद्र में एफसीआईएल ओएसडी ने संबोधन में कहा कि हर्ल संयंत्र के सुचारू रूप से चलने व झारखंड की असीमित एवं विभिन्न खनिज संपदाओं की परिपूर्णता के कारण अन्य सरकारी व निजी कंपनियां नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगी. इससे सिंदरी सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे. बीआईटी सिंदरी निदेशक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बीआईटी प्रशासनिक भवन व प्रयास इंडिया में झंडोत्तोलन किया और छात्रों को संविधान की विशेषताओं से अवगत कराया. [wpse_comments_template]
धनबाद: हर्ल सिंदरी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिप्तेन राय ने किया झंडोत्तोलन
Sindri: सिंदरी (Sindri) हर्ल सिंदरी खाद कारखाना, एसीसी सीमेंट कारखान, बीआईटी सिंदरी व एसडीपीओ कार्यालय, थाना, गोशाला ओपी सहित विभिन्न स्कूलों व सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के कार्यालयों में 74 वें गणतंत्र दिवस पर झंडोत्तोलन किया गया. इस मौके पर सिंदरी के ऐतिहासिक कल्याण केन्द्र में एफसीआईएल सिंदरी के ओएसडी सुरेंद्र सिंह शेखावत ने झंडोत्तोलन कर सिंदरीवासियों को संबोधित किया. [caption id="attachment_537673" align="aligncenter" width="300"]
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alt="" width="300" height="135" /> तिरंगे को सलामी देते सुरक्षाकर्मी[/caption] हर्ल के प्रशासनिक भवन ग्राउंड में हर्ल सिंदरी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिप्तेन राय ने झंडोत्तोलन कर परेड की सलामी ली. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अभी हमने 65 प्रतिशत उत्पादन लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. हमारा लक्ष्य शत प्रतिशत लोड पर सस्टेन लोड टेस्ट, पीजीटी व 5 जी कैल प्रति टन उर्जा दक्षता हासिल करना है. उन्होंने कहा कि एलएसटीके व नन एलएसटीके संवेदकों के साथ इन लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है. विगत 5 अक्टूबर को अमोनिया का प्रथम ड्राप व 10 अक्टूबर से हर्ल लगातार अमोनिया का उत्पादन कर रही है. विगत 7 नवंबर से यूरिया का उत्पादन शुरू हुआ. 38310 टन उत्पादन के साथ 31196 टन यूरिया सड़क व रेलमार्ग से भेजा जा चुका है. पहला मिनी रैक 12 जनवरी को व पूर्ण रैक 25 जनवरी को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि हर्ल एमडी व चेयरमैन द्वारा हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया गया है. स्थानीय कल्याण केंद्र में एफसीआईएल ओएसडी ने संबोधन में कहा कि हर्ल संयंत्र के सुचारू रूप से चलने व झारखंड की असीमित एवं विभिन्न खनिज संपदाओं की परिपूर्णता के कारण अन्य सरकारी व निजी कंपनियां नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगी. इससे सिंदरी सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे. बीआईटी सिंदरी निदेशक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बीआईटी प्रशासनिक भवन व प्रयास इंडिया में झंडोत्तोलन किया और छात्रों को संविधान की विशेषताओं से अवगत कराया. [wpse_comments_template]
alt="" width="300" height="135" /> तिरंगे को सलामी देते सुरक्षाकर्मी[/caption] हर्ल के प्रशासनिक भवन ग्राउंड में हर्ल सिंदरी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दिप्तेन राय ने झंडोत्तोलन कर परेड की सलामी ली. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अभी हमने 65 प्रतिशत उत्पादन लक्ष्य प्राप्त कर लिया है. हमारा लक्ष्य शत प्रतिशत लोड पर सस्टेन लोड टेस्ट, पीजीटी व 5 जी कैल प्रति टन उर्जा दक्षता हासिल करना है. उन्होंने कहा कि एलएसटीके व नन एलएसटीके संवेदकों के साथ इन लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध है. विगत 5 अक्टूबर को अमोनिया का प्रथम ड्राप व 10 अक्टूबर से हर्ल लगातार अमोनिया का उत्पादन कर रही है. विगत 7 नवंबर से यूरिया का उत्पादन शुरू हुआ. 38310 टन उत्पादन के साथ 31196 टन यूरिया सड़क व रेलमार्ग से भेजा जा चुका है. पहला मिनी रैक 12 जनवरी को व पूर्ण रैक 25 जनवरी को भेजा गया है. उन्होंने बताया कि हर्ल एमडी व चेयरमैन द्वारा हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया गया है. स्थानीय कल्याण केंद्र में एफसीआईएल ओएसडी ने संबोधन में कहा कि हर्ल संयंत्र के सुचारू रूप से चलने व झारखंड की असीमित एवं विभिन्न खनिज संपदाओं की परिपूर्णता के कारण अन्य सरकारी व निजी कंपनियां नये उद्योग लगाने के लिए आगे आएंगी. इससे सिंदरी सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बनेंगे. बीआईटी सिंदरी निदेशक डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बीआईटी प्रशासनिक भवन व प्रयास इंडिया में झंडोत्तोलन किया और छात्रों को संविधान की विशेषताओं से अवगत कराया. [wpse_comments_template]

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