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धनबाद: शहीद भगत सिंह का संघर्ष, बलिदान व विचार अब भी प्रासंगिक : पवन महतो

जयंती पर मार्क्सवादी युवा मोर्चा ने किया विचार गोष्ठी का आयोजन

Dhanbad:  शहीद भगत सिंह की जयंती पर 28 सितंबर गुरुवार को मार्क्सवादी युवा मोर्चा (मायुमो) ने मासस केंद्रीय कार्यालय टेंपल रोड, पुराना बाजार में  विचार गोष्ठी का आयोजन किया. इसके पूर्व मोर्चा के सदस्यों ने शहीद भगत सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. अध्यक्षता मायुमो के जिला अध्यक्ष पवन महतो ने की व संचालन जिला सचिव राणा चटराज ने किया. पवन महतो ने गोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सरकार भगत सिंह को शहीद नहीं मानती है. हांकि आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले भगत सिंह हर हिंदुस्तानी के दिल में बसते हैं.  उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर गहरा प्रभाव डाला. क्रांतिकारी साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ मिलकर भगत सिंह ने अलीपुर रोड, दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेन्ट्रल असेंबली के सभागार में 8 अप्रैल 1929 को अंग्रेज सरकार को जगाने के लिए बम और पर्चे फेंके थे. भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं, बल्कि अध्ययनशील विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक व पत्रकार भी थे. उनका संघर्ष, बलिदान व विचार आज भी प्रेरित करते हैं.  गोष्ठी में विश्वजीत राय, रामलाल दा, जिला उपाध्यक्ष सुजीत चंद्रा, संतोष रवानी, सुरेश दास, औरधेंदु दत्ता, गुड्डू रजक, श्याम शर्मा, सुरेश रवानी, अनीश रवानी, शंकर महतो, राजेश बाउरी, मिथलेश कुम्हार, चन्दन सिंह, प्रकाश भुईया आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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