Dhanbad : पूर्व उप महापौर नीरज सिंह की हत्या के लिए पहचान छिपाकर राम आह्लाद राय के मकान के एक कमरे को भाड़े पर लेकर शूटरों को ठहराने के मामले की सुनवाई 26 अगस्त को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सुभाष बारा की अदालत में हुई. आरोपी डब्लू मिश्रा, लाइजनर की भूमिका निभाने के आरोपी पंकज सिंह एवं शूटर शिबू उर्फ सागर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया. अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एक अगस्त 2022 को डब्लू मिश्रा, शिबू की ओर से दायर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 436 (ए) के तहत आवेदन को संचालित नहीं किया, वहीं पंकज सिंह की ओर से याचिका दायर कर उसे जेल से मुक्त करने की प्रार्थना की. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मो. जावेद, पंकज प्रसाद, कुमार मनीष ने दलील देते हुए कहा कि भादवि की धारा 419 में तीन साल की सजा है. जबकि आवेदक पांच साल से जेल में बंद है. तीनों आरोपी 19 अगस्त 2017 से न्यायिक हिरासत में है. इसलिए उन्हें अविलंब मुक्त किया जाए.
मटकुरिया गोलीकांड में सुनवाई
मटकुरिया गोलीकांड में 26 अगस्त को एमपी-एमएलए के लिए गठित विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई. अदालत ने गवाह पेश करने का आदेश दिया है. मालूम हो की 27 अप्रैल 11 को मटकुरिया में बीसीसीएल के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराने गए पुलिस बल के साथ आंदोलनकारियों की हिंसक झड़प हुई थी. घटना में तत्कालीन एसपी आर.के धान जख्मी हो गए थे. विकास सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई थी. तत्कालीन एसडीओ जॉर्ज कुमार के लिखित प्रतिवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. अनुसंधान के बाद पुलिस ने 38 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. यह भी पढ़ें :
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