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धनबाद : सिंफर को मिली 'विज्ञान सर्वत्र पूज्यते' आयोजन की जिमेवारी

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Dhanbad:- सीएसआईआर सिम्फ़र में सोमवार 21 फरवरी को अखिल भारतीय कार्यक्रम विज्ञान सर्वत्र पूज्यते के बैनर तले प्रेस वार्ता में बताया गया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी संगठन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है. इस दिशा में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय द्वारा संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर 22 से 28 फरवरी तक `विज्ञान सर्वत्र पूज्यते` विषयक गौरवशाली सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है. सीएसआईआर सिम्फ़र को यह जिमेवारी मिली है. 7 दिनों तक चलाया जाएगा.

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्विज़ जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं

यह कार्यक्रम भारत के वैज्ञानिक विरासत कौशल को प्रदर्शित करने के साथ ही रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, खगोल विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में अभिनव समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास होगा. विज्ञान सर्वत्र पूज्यते के तहत (साइंस कम्यूनिकेशन, पापुलराइज़ेशन एंड इट्स एक्सटेंशन) यानि स्कोप फ़ॉर ऑल फेस्टिवल के तहत निबंध लेखन, स्लोगन, कविता, पोस्टर निर्माण, लघु फ़िल्म निर्माण, ऑनलाइन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्विज़ जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी.

समन्वय की जिम्मेदारी स्वायत्त संगठन विज्ञान प्रसार को

समन्वय की जिम्मेदारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संगठन विज्ञान प्रसार को सौंपी गई है, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है.

  `आत्मनिर्भर भारत` जैसे  दूरदर्शी सोच पर बल

आजादी के 75 वर्षों की वैज्ञानिक यात्रा को यादगार बनाने और भविष्य के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करने का यह प्रयास `मेक इन इंडिया` और `आत्मनिर्भर भारत` जैसे भारत सरकार की दूरदर्शी सोच को बल देगा. इस महोत्सव को 75 स्थानों पर एकसाथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 75 प्रदर्शनियां, 75 व्याख्यान,75 फिल्में, 75 रेडियो वार्ता, 75 विज्ञान साहित्यिक क्रियाकलाप, 75 पुस्तकें, 75 पोस्टर, 75 पुरस्कार सम्मिलित होंगे.  देशभर के जिन 75 जगहों को इस महान उत्सव को आयोजित करने के लिए चुना गया है, उनमें से सीएसआईआर-केन्द्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान, धनबाद भी एक है. 22 फरवरी को पूर्वाहन 10.30 बजे उद्घाटन समारोह होगा, जिसमें मुख्य अतिथि डी जी एम एस के महानिदेशक प्रभात कुमार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार मिश्रा होंगे.

आधुनिक विज्ञान के संस्थापकों के योगदान का बखान

23 फरवरी को विज्ञान के इतिहास के वार्षिक वृत्तांत पर दृष्टिपात करते हुए आधुनिक विज्ञान के संस्थापकों के राष्ट्र निर्माण में योगदान और उपलब्धियों से परिचित कराया जाएगा. 24 फरवरी को आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण उपलब्धियों के तहत ऐसे प्रमुख खोजों,नवाचारों या आविष्कारों को याद किया जाएगा, जिन्होंने भारत के विकास में अपनी छाप छोड़ी है. 25 फरवरी को भारत की आत्मनिर्भरता में सहयोग करने वाले पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों से संबंधित आविष्कारों, तकनीकों पर परिसंवाद किए जाएंगे.

आगामी 25 वर्षों के रोडमैप पर विचार-विमर्श होगा

26 फरवरी को व्याख्यान के अलावा डीएवी, हजारीबाग के छात्रों द्वारा नाटक प्रस्तुत किया जाएगा. 27 फरवरी को भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी 25 वर्षों के रोडमैप पर विचार-विमर्श होगा. प्रेस वार्ता में मुख्य वैज्ञानिक जेके सिंह, डॉक्टर जेपी पांडेय, आर बीके सिंह, पीके मंडल, दिलीप कुम्भकार, सुजीत मंडल, सिद्धार्थ सिंह मौजूद थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-two-died-due-to-slip-in-illegal-excavation/">धनबाद

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