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धनबाद : सर, सप्ताह में एक बार आते हैं प्राचार्य, होती है परेशानी

एनएसयूआई नेता ने अनुमंडल पदाधिकारी को लिखा पत्र, मामला बीएसके कॉलेज मैथन का

Dhanbad : सर सप्ताह में एक बार कॉलेज में प्राचार्य आते हैं. इस वजह से कॉलेज के मूलभूत वह रोजमर्रा के कार्यों में रुकावट आती है, जबकि विद्यार्थियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. यह शिकायत एनएसयूआई के कार्यकारी अध्यक्ष ऋतिक चटर्जी ने अनुमंडल पदाधिकारी धनबाद को लिखे पत्र में की है. पत्र की प्रति उन्होंने एग्यारकुंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी भेजी है. मामला बीएसके कॉलेज मैथन का है. रितिक का आरोप है कि स्वास्थ्य कारणों से प्राचार्य के सप्ताह में एक बार कॉलेज आने से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है. इधर कॉलेज कैंपस में बाहरी लोगों के प्रवेश व मारपीट की घटना बढ़ गई है.

प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्राचार्य को लिखा पत्र

एग्यारकुंड प्रखंड विकास पदाधिकारी विनोद कुमार कर्मकार ने शिकायत के आधार पर बीएसके कॉलेज मैथन के प्राचार्य को पत्र लिखकर सभी समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है. उन्होंने पत्र की प्रति बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ शुकदेव भोई को भी भेजी है.

 क्या है पूरा मामला

बता दें कि बीएसके मैथन के वर्तमान प्राचार्य डॉ दिनेश कुमार सिंह बोकारो के रहनेवाले हैं. वह कॉमर्स विभाग के डीन भी हैं. इधर उनको बीएसके कॉलेज मैथन के प्राचार्य की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है. किडनी की बीमारी का वह इलाज भी करा रहे हैं. ऐसे में प्रतिदिन लगभग 160 किलोमीटर का सफर तय करना उनके लिए मुश्किल है. सूत्र बताते हैं कि उन्होंने प्राचार्य की जिम्मेदारी वापस लेने के लिए कुलपति को पत्र भी लिखा है.

एनएसयूआई नेता का आरोप गलत : प्राचार्य

प्राचार्य डॉ दिनेश ने कहा कि वह विगत छह माह से बीएसके कॉलेज मैथन के प्राचार्य हैं. कॉलेज ठीक चल रहा है. एनएसयूआई के कार्यकारी अध्यक्ष का आरोप गलत है. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि डीन होने की वजह से सप्ताह में तीन या चार दिन मीटिंग व अन्य कारणों से विश्वविद्यालय में रहना पड़ता है. [wpse_comments_template]

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