Sunny Sharma Jharia: झरिया कोयलांचल में अवैध उत्खनन के तार कोयला की तस्करी से भी जुड़े हैं. हर क्षेत्र में तस्करी का यह जाल बड़ी होशियारी से बुना गया है. इस जाल में गरीब-गुरबा आसानी से फंस जाते हैं. रोटी की तलाश उन्हें तस्करी और अवैध उत्खनन के चूल्हे तक ले जाती है, जहां बच निकले तो पौ बारह, वरना जरा भी फिसले तो सीधे मौत के मुंह में. शुक्रवार 9 जून की सुबह भौरा 4 ए पैच 12 नंबर के समीप देवप्रभा आउटसोर्सिंग में मौत और चीख-पुकार का दृश्य इसी तस्करी और अवैध उत्खनन का परिणाम था.
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alt="" width="300" height="159" /> चाल धंसने से घायल व्यक्ति को उठा कर ले जाते लोग[/caption] भौंरा में यह कोई नई घटना नहीं थी. इससे पहले बुधवार 17 मई की रात पूर्वी झरिया क्षेत्र के बंद 3 पिट आउटसोर्सिंग पैच में रात लगभग नौ बजे कोयले का अवैध खनन करते अचानक चाल धंस गई थी. 7 लोगों के घायल होने की खबर से हड़कंप मच गया था. बताते हैं कि उस बंद पेच में हर दिन दर्जनों लोग सुबह से देर रात तक अवैध खनन में जुटे रहते हैं. गैंता, कुदाल, सब्बल आदि जुगाड़ से कोयला निकालते हैं. बुधवार को भी लोग अवैध खनन करने में लगे थे कि अचानक मिट्टी, पत्थर व कोयले का एक बड़ा ढेर उन लोगों पर आ गिरा. कुछ लोग तो भाग गए, लेकिन 7 लोग दब गए. अवैध खनन में शामिल साथियों ने तत्काल उन दबे लोगों को निकाला और गुपचुप तरीके से इलाज कराया.
गरीबी व बेबसी की मार से बचने में गंवा बैठे जान
रोजी-रोटी के जुगाड़ में कुछ लोग असुरक्षित मुहाने में जा घुसे, जहां अचानक चाल धंसी और दो लोग मौत के मुंह में समा गए, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. अधिकतर लोग मल्लाह पट्टी व उसके आसपास क्षेत्र के बताये जा रहे हैं. ऐसे सभी लोग गरीबी और बेबसी की मार से बचने के लिए प्रायः हर दिन इस तरह की अवैध खदानों में घुसते हैं और कोयला काट कर खुद तो दो वक्त की रोटी जुटाते हैं, जबकि धंधेबाजों को चांदी काटने में मदद पहुंचाते हैं.इसके पहले 17 मई की रात भी सात लोग हुए थे घायल
[caption id="attachment_663684" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="159" /> चाल धंसने से घायल व्यक्ति को उठा कर ले जाते लोग[/caption] भौंरा में यह कोई नई घटना नहीं थी. इससे पहले बुधवार 17 मई की रात पूर्वी झरिया क्षेत्र के बंद 3 पिट आउटसोर्सिंग पैच में रात लगभग नौ बजे कोयले का अवैध खनन करते अचानक चाल धंस गई थी. 7 लोगों के घायल होने की खबर से हड़कंप मच गया था. बताते हैं कि उस बंद पेच में हर दिन दर्जनों लोग सुबह से देर रात तक अवैध खनन में जुटे रहते हैं. गैंता, कुदाल, सब्बल आदि जुगाड़ से कोयला निकालते हैं. बुधवार को भी लोग अवैध खनन करने में लगे थे कि अचानक मिट्टी, पत्थर व कोयले का एक बड़ा ढेर उन लोगों पर आ गिरा. कुछ लोग तो भाग गए, लेकिन 7 लोग दब गए. अवैध खनन में शामिल साथियों ने तत्काल उन दबे लोगों को निकाला और गुपचुप तरीके से इलाज कराया.
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