टीबी मरीजों के लिए अलग से वार्ड नहीं
अस्पताल में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) मरीजों के लिए अलग से वार्ड नहीं है. अलग से बेड की भी व्यवस्था नहीं है. टीबी के मरीजों को मेडिसिन वार्ड में रखा जाता है, जहां दूसरे मरीजों के साथ उनका इलाज होता है. संक्रमण का भय अलग से लोगों को परेशान करता है.थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए भी बेड नहीं
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए डेडीकेटेड वार्ड होने के बावजूद इलाज के लिए बेड सुविधा उपलब्ध नहीं है. स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का हाल बेहाल है. वार्ड में बारिश से कई जगहों पर प्लास्टर टूटकर गिरने लगे हैं. जगह जगह दीवार से प्लास्टर झड़ गए हैं. बरसात का मौसम भी आ गया है. भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वार्ड में प्रसव होने के बाद जच्चा और बच्चा को रखा जाता है. मरीज इस व्यवस्था से भारी नाराज हैं. स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हर दिन लगभग 25 से 30 नए मरीज आ रहे हैं, जबकि इतने ही लोगों की छुट्टी हो रही है.ICU वार्ड तक पहुंचता है बारिश का पानी
बारिश के पानी से मरीज परेशान हैं. आलम यह है कि बारिश का पानी अस्पताल के ICU वार्ड तक पहुंचा गया है. सभी वार्ड का हाल अमूमन वही है. कई जगह अस्पताल तालाब में तब्दील हो जाता है.चोरों का आतंक, सीसीटीवी भी नहीं
मई महीने में ही यहां से 7 से ज्यादा मोटरसाइकिल की चोरी हुई है. तीन मोटरसाइकिल अस्पताल के कर्मचारियों की ही थी. अस्पताल के वार्ड से कई बार मरीजों के सामान अथवा मोबाइल चोरी की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. इस पर नजर रखने के लिए यहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए. सीसीटीवी लगने की वजह से लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी थी, लेकिन बाहर में कैमरा नहीं रहने की वजह से लोगों को डर है कि यहां आपराधिक तत्वों की मनमानी और बढ़ सकती है.निगरानी के लिए कर्मचारी नियुक्त नहीं
लगभग 40 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2018 में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, लेकिन इसकी निगरानी के लिए अलग से कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं है. सीसीटीवी की मॉनिटरिंग भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पास एक छोटे से कमरे से हो रही है.लिफ्ट बंद, जनरेटर की व्यवस्था नहीं
50 लाख की लागत से लिफ्ट लगाई गई. लेकिन 1 महीना चलने के बाद ही यह लिफ्ट बंद हो गई, क्योंकि अस्पताल के पास इसके बैकअप के लिए कोई जनरेटर फिलहाल नहीं है. कई बार मरीजों के साथ यहां आवारा कुत्ते भी घूमते नजर आ जाते हैं.स्टाफ की भारी कमी
कर्मचारियों के कुल 450 पद स्वीकृत हैं, इसके विरुद्ध यहां मात्र 51 कर्मचारी कार्यरत हैं. 399 पद कर्मचारियों के खाली हैं. मेडिकल कॉलेज में 183 पद स्वीकृत हैं, जबकि 44 कर्मचारी काम कर रहे हैं. स्टाफ नर्स 284, लैब तकनीशियन 18, फार्मासिस्ट 12, स्टोर कीपर दो, रेडियोग्राफर 9, ईसीजी तकनीशियन 5, आडियोमेट्रिशियन एक, ओसी अ्सिस्टेंट 14, सोशल वर्कर 6, दंत तकनीशियन तीन, पीएफटी तकनीशियन समेत एक दर्जन अलग-अलग पदों की जरूरत है.आयुष्मान के मरीज बाहर से खरीदते हैं दवा
अस्पताल में आयुष्मान से इलाज करा रहे मरीजों को दवा नहीं मिल पाती. मरीज और उनके परिजन बाहर से दवा लाने को मजबूर हैं. अस्पताल में मामूली इंजेक्शन भी जरूरत के समय मरीजों को नहीं मिल पाता है. क्योंकि अस्पताल में स्टॉक ही नहीं होता है.मरीज के हिसाब से नहीं मिलता बेड
अस्पताल में धनबाद जिले के अलावा देवघर, गिरीडीह, जामताड़ा, हजारीबाग, कोडरमा सहित अन्य कई जिलों के मरीज भी इलाज कराने पहुंचते हैं. अस्पताल परिसर में कई मरीज के परिजन खुद वार्ड में बेड की व्यवस्था करते नजर आ जाएंगे. बेड की कमी के वजह से कई गंभीर मरीज अस्पताल परिसर में जगह-जगह पर स्ट्रेचर पर पड़े मिल जाएंगे.दलाल राज कायम
एसएनएमएमसीएच में दलाल राज कायम है. दलाल यहां रोज सैकड़ों लोगों को भीड़ से बचाकर बेहतर इलाज कराने और दवा आदि उपलब्ध कराने का गोरखधंधा ये लोग करते हैं. इससे दूसरे जिलों से आए लोगों के साथ ठगी हो रही है और अधिकतर बाहर से आने वाले मरीज ही उनके चंगुल में फंसते हैं. हद यह है कि अस्पताल प्रबंधन दलालों की सक्रियता पर नकेल कसने में फेल है.नाम बदला, सुविधा नहीं मिली
पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) धनबाद का नाम बदलकर शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (एसएनएमएमसीएच) किया गया. लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं बदला. इतना बड़ा सरकार अस्पताल होने के बावजूद कई विभागों में डॉक्टर अभी उपलब्ध नहीं है. जिसमे न्यूरो सर्जन, कार्डियोलोजी, कार्डियोलोजी (डीएम), बच्चो के इलाज के लिए वेंटीलेटर नही है, थेलेसिमिया डे केयर सेंटर, एमआरआई की सुविधा नहीं है. इसके अलावा पीजी ब्लॉक चालू नहीं हो सका.पहले से ज्यादा सुधार :अधीक्षक
स्पताल के अधीक्षक डॉ अरुण कुमार वर्णवाल ने बताया कि अस्पताल में पहले से बहुत सुधार किया गया है. लगातार प्रयास जारी है. कई सारी असुविधा है. इसके लिए सरकार से कई चीजों की मांग की गई है. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-10th-and-12th-toppers-of-ggps-honored/">धनबाद: जीजीपीएस के 10वीं व 12वीं के टॉपर्स हुए सम्मानित [wpse_comments_template]

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