संजीव सिंह नई यूनियन के महामंत्री, रागिनी सिंह संरक्षक
जनता श्रमिक संघ (जेएसएस)के गठन की घोषणा 23 अप्रैल को स्थानीय होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में की गई. बताया गया कि का जेएसएस का रजिस्ट्रेशन 22 मार्च को हुआ है. स्व. सूर्यदेव सिंह के बेटे झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह जेएसएस के महामंत्री और संजीव सिंह की पत्नी भाजपा नेत्री रागिनी सिंह संरक्षक बनाई गई हैं. वहीं, सिंह मेंशन के खास संतोष सिंह अध्यक्ष, प्रदीप सिन्हा उपाध्यक्ष तथा अभिषेक सिंह, गौरव वत्स उर्फ लक्की व प्रदीप सिन्हा संयुक्त महामंत्री बनाए गए हैं. संयुक्त महामंत्री अभिषेक सिंह ने कहा कि नई यूनियन का गठन श्रमिकों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ने के लिए हुआ है.संजीव व रागिनी ने जमसं से नहीं दिया इस्तीफा
यह बात अलग है कि नई यूनियन की घोषणा के समय सिंह मेंशन का कोई सदस्य मौजूद नहीं था.जनता मजदूर संघ में भाजपा नेत्री रागनी सिंह व झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह संयुक्त महामंत्री के पद पर बने हुए हैं.सूत्रों ने बताया कि इन दोनों ने जनता मजदूर संघ से इस्तीफा नहीं दिया गया है. वहीं, जेएसएस के संयुक्त महामंत्री ने कहा कि कोई भी कई संगठन से जुड़ कर रह सकता है.अब तक जमसं से अलग हटकर बने तीन गुट
जिस जमसं को स्व. सूर्यदेव सिंह ने 1977 में गठित किया था वह टूट कर पहले 2006 में जमसं (बच्चा गुट) बना था. अब एक और गुट बनकर तैयार है. सिंह मेंशन की लड़ाई अब यूनियन में अपने ही परिवार के बीच होगी. सूर्यदेव सिंह की विरासत को लेकर भाइयों के बीच महाभारत से उनके समर्थकों में असमंजस की स्थिति है. कौन कहां जाए यह समझ पाना उनके लिए बड़ी दुविधा की स्थिति खड़ी कर रहा है.यूनियन दो फाड़ होने से कोयलांचल में हलचल तेज
संजीव सिंह और सिद्धार्थ गौतम में विवाद को लेकर यूनियन में दो फाड़ होने से कोयलांचल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. समर्थकों के बीच कानाफूसी शुरू हो गई है. अब देखना यह है कि जनता मजदूर संघ और जनता श्रमिक संघ में से कौन मजदूरों का मसीहा बनता है. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-bike-stolen-from-former-councilors-residence-in-chattabad/">धनबाद: छाताबाद में पूर्व पार्षद के आवास से बाइक चोरी [wpse_comments_template]

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