Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने किसानों की फसल की क्षतिपूर्ति के लिए झारखंड राज्य फसल राहत योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसी भी प्राकृतिक आपदा में फसल के नुकसान होने पर कृषकों को आर्थिक सहायता मिलेगी. यह जानकारी जिला प्रशासन की ओर से दी गई है. योजना में लघु एवं सीमांत रैयत तथा गैर रैयत कृषकों को शामिल किया जाएगा. कृषक न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 5 एकड़ तक की भूमि के लिए निबंधन करा सकते हैं. योजना स्वैच्छिक होगी. कृषक झारखंड राज्य का निवासी होना चाहिए तथा उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.
फसल के नुकसान पर ही मिलेगा लाभ
यह फसल बीमा योजना नहीं है. फसल की क्षति होने पर किसानों को दी वाली क्षतिपूर्ति योजना है. किसानों को प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति के मामले में सुरक्षा कवच तथा एक निश्चित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. योजना से भूस्वामी तथा भूमिहीन किसान, दोनों ही अच्छादित होंगे. इसके लिए इसी प्रकार के प्रीमियम का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी. देखरेख की इन्हें दी गई जिम्मेवारी
योजना के लिए जिला स्तर पर उपायुक्त, प्रखंड स्तर पर अंचलाधिकारी तथा पंचायत स्तर पर मुखिया अध्यक्ष होंगे. जिला स्तर पर जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड स्तर पर प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी तथा पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव इसके नोडल पदाधिकारी रहेंगे. योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य, जिला, प्रखंड तथा पंचायत स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया गया है. इसके अलावा विभागीय कार्यकारी समिति, शिकायतों का निवारण करने के लिए पंचायत स्तरीय, प्रखंड स्तरीय व जिला स्तरीय शिकायत निवारण कोषांग का गठन किया गया है. यहां कर सकते हैं अप्लाई
इस योजना के लिए www.jrfry.jharkhand.gov.in पोर्टल विकसित किया गया है. इससे किसान, राज्य तथा बैंक के बीच बेहतर प्रशासन एवं समन्वय के साथ सूचनाओं का प्रसार एवं पारदर्शिता होगी. क्षतिपूर्ति की गणना आदि के उद्देश्य से फसल वार, क्षेत्रवार, विगत वर्षा के उपज आंकड़े, मौसम के आंकड़े, बुवाई क्षेत्र, क्षतिपूर्ति के आंकड़े, आपदा तथा वास्तविक उपज संबंधी सभी आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे. 15 सितम्बर तक इस पोर्टल पर आवेदन दिया जा सकता है. उपलब्ध करानी होगी पूरी जानकारी
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को www.jrfry.jharkhand.gov.in पोर्टल पर जानकारी अपलोड करनी है. क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है. पात्र किसान स्व घोषणा पत्र के माध्यम से अपने आधार का उपयोग करने की सहमति देंगे. आधार न रखने वाले किसान भी नामांकन कर सकते हैं. उनको आधार नंबर के लिए नामांकन का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा. किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान करने के लिए पीएफएमएस पोर्टल द्वारा डीबीटी के माध्यम से मुआवजा राशि जारी की जाएगी. कम से कम 20% फसल की क्षति का नुकसान होने पर फसल सहायता दी जाएगी. 20% से अधिक क्षति होने पर प्रो राटा के आधार पर सहायता का लाभ दिया जाएगा. ऑनलाइन पंजीकरण के लिए अनिवार्य
आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आधार से लिंक बैंक खाता, अद्यतन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र अथवा 31 मार्च 2022 तक की राजस्व रसीद, मुखिया, ग्राम प्रधान, राजस्व कर्मचारी, अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत वंशावली, सरकारी भूमि पर खेती करने के लिए राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती पट्टा, रैयत और बटाईदार द्वारा घोषणा पत्र, पंजीकृत किसानों के चयनित फसल एवं बुवाई के रकवा का पूरा विवरण. योजना के प्रमुख प्रावधान
केवल प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति का लाभ प्रदान किया जाएगा, फसल मौसम (खरीफ एवं रबी) में अलग-अलग निबंध एवं आवेदन करना होगा. योजना के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा, प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति का आकलन एवं निर्धारण क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट (सीसीई) द्वारा किया जाएगा, 30% से 50% तक क्षति होने पर आवेदक को प्रति एकड़ 3000 रुपए, 50% से अधिक क्षति होने पर प्रति एकड़ 4000 रुपए एवं अधिकतम 5 एकड़ तक फसल क्षति का लाभ दिय़ा जाएगा. [wpse_comments_template]
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