धनबाद : निकाह में फिजूलखर्ची बंद करें, उस पैसे को बच्चों की शिक्षा में लगाएं : मो. रिजवान
Dhanbad : मुस्लिम समाज में अब बारात में डीजे बजाने, पटाखे फोड़ने व नाच-गाना लाने पर काज़ी साहब निकाह नहीं पढ़ेंगे. समाज में फैल रहीं बुराइयों को रोकने व विवाह-निकाह में फिजूलखर्ची रोकने के मकसद से 8 जनवरी को वासेपुर में तंजीम अहले सुन्नत, धनबाद में शामिल 34 संगठनों के सदर, सेक्रेटरी, दानिशवरान ए मिल्लत व उलेमा की बैठक हुई. जिसमें समाज मे फैल रही बुराइयां और शादी विवाह में जरूरत से ज्यादा खर्च को रोकने का फैसला लिया गया. मुफ्ती मोहम्मद रिजवान अहमद ने समाज के लोगों से निकाह में फिजूलखर्ची बंद कर उक्त पैसे को जरूतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करने की अपील की. बैठक में मुख्य रूप से शादी में बारात लाने और ले जाने वाले दोनों पक्ष पर डीजे, पटाखा, नाच गाना, पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने पर सहमति बनी. अगर कोई इस कानून का उल्लंघन करता है तो कोई भी काजी व इमाम निकाह नहीं पढ़ाएंगे और न ही संगठन का कोई सदस्य उस निकाह में शामिल होगा. यह जानकारी तंजीम के सचिव मौलाना गुलाम सरवर कादरी ने दी. [wpse_comments_template]

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