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धनबाद: छात्र संगठन आइसा ने की शिक्षा नीति में बदलाव की मांग

 
Dhanbad : छात्र संगठन  ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग की है. जिला सम्मेलन के पूर्व 1 जून गुरुवार को संगठन की ओर से पैदल मार्च किया गया. मार्च में शामिल छात्र हाथ में तख्तियां लिये नई शिक्षा नीति वापस लो, खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करो के नारे लगाते चल रहे थे. मार्च रणधीर वर्मा चौक तक गया. मार्च के बाद छात्र वापस गांधी सेवा सदन पहुंचे, जहां प्रथम जिला सम्मेलन शुरू हुआ. सम्मेलन से पूर्व झंडोत्तोलन कर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया. सम्मेलन को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य अध्यक्ष तरुण कुमार ने कहा कि राज्य में शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था पूरी तरह चौपट है. राज्य के 95% स्कूलों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं. एक शिक्षक के भरोसे 7000 स्कूल संचालित हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में भी झारखंड के विश्वविद्यालयों में CUET (कॉमन यूनिवर्सिटी इंटरेस्ट टेस्ट) लागू कर दिया गया है. उन्होंने इसे वापस लेने की मांग की. [caption id="attachment_654927" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/manch-iisa-300x166.jpeg"

alt="" width="300" height="166" /> सम्मेलन के मंच पर आइसा के नेता[/caption] आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि झारखंड खनिज सम्पदाओं से भरा व जंगल- पहाड़ों से घिरा हुआ है. यहां की प्राकृतिक सुंदरता सभी का मन मोह लेती है. परन्तु शासकों ने झारखंड को सिर्फ लूटने का ही काम किया है. यहां के युवा आज भी दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं. सम्मेलन में 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया. कमेटी का अध्यक्ष गोविंद बासकी और सचिव ज्ञानोदय गोर्की को चुना गया. सम्मेलन में भाकपा माले के जिला सचिव कार्तिक प्रसाद हाड़ी, नगर सचिव व राज्य कमेटी के सदस्य कृष्णा सिंह, नगर सचिव नकुल देव सिंह, आरवाईए के राज्य परिषद सदस्य बिमल कुमार रवानी आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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