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धनबाद: पढ़ते हैं स्कूल में, शौच को जाते हैं झाड़ियों में

Jharia: झरिया (Jharia) सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर पहल कागजों में खूब हो रही है, लेकिन हकीकत इससे उलट है. सरकारी स्कूलों में आज भी स्वच्छता और पानी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. स्कूल आने वाले बच्चे खुले में शौच के लिए न जाएं, इसके लिए विद्यालयों में शौचालय तो बनवा दिए लेकिन पानी के अभाव में इसका प्रयोग नहीं हो पा रहा है. लोदना कोलियरी उच्च विद्यालय में तो बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था तक नहीं है. विद्यालय में 1051 बच्चे पढ़ते हैं. उनमें छात्र और छात्राओं की संख्या लगभग बराबर है. जिन बच्चों को स्कूलों में स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है, वे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. यहां बच्चों के लिए पेयजल की सुविधा तक नहीं है. पानी के अभाव में बच्चों को शौच के लिए सड़क पार कर जंगल में जाना पड़ता है या कुछ दूरी पर स्थित जूनियर हाईस्कूल में शौच को जाते हैं. प्रधानाध्यापक कमलेश कुमार पासवान बताते हैं कि विद्यालय में पेयजल की सुविधा न होने के कारण छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षक शिक्षिकाओं को भी दिक्कत होती है. बच्चों के लिए पीने और खाना बनाने के लिए पानी खरीदना पड़ता है. कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा गया, लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हो सकी. विद्यालय के बच्चे सनी कुमार, कर्ण कुमार कहते हैं कि स्कूल में शौचालय है, पर पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण हमें झाड़ियों में जाना पड़ता है या कई बार शौच के लिए घर चले जाते हैं. [wpse_comments_template]

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