Dhanbad : आईआईटी-आईएसएम प्रशासन संस्थान के विद्यार्थियों को कंपनियों की जरूरत के अनुसार तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए नित नए प्रोग्राम की शुरुआत करता है. इसी कड़ी में टेक्नोलॉजी इन्नोवेशन इन एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग (टैक्समिन) की स्थापना हुई है. टैक्समिन की स्थापना की शुरुआत डीएसटी के नेशनल मिशन फॉर इंटर डिस्पिलिनीयरी साइबर फिजिकल सिस्टम के अंतर्गत वर्ष 2020 में की गई थी. इसका उद्देश्य खनन के क्षेत्र में रिसर्च, एक्सप्लोरेशन और इनोवेशन को बढ़ावा देना है.
ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन विश्वविद्यालय से हुआ करार
टैक्समिन के अंतर्गत आईआईटी-आईएसएम का करार यूएस रैंकिंग में विश्व के दूसरे स्थान पर स्थित आस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी सैंडविक माइनिंग, दसाल्ट, कोल इंडिया के वैज्ञानिकों के साथ हुआ है. संस्थान के विद्यार्थी इन कंपनियों के प्रोफेशनल्स के साथ खनन व खनिज के उत्खनन, प्रोसेसिंग और रिसर्च करेंगे. इसके अलावा डीजीएमएस, एसआरके, तलपा सोलुशन जर्मनी, सीडीएसी, आईक्रिएट से करार होने हैं. सहसहयोग से टेक्नोक्रेट्स अपडेट व अपग्रेड होंगे. साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के सचिव करेंगे उद्घाटन
टैक्समिन का उद्घाटन 28 अप्रैल को भारत सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के सचिव डॉ एस चंद्रशेखर करेंगे. इस अवसर पर कर्टिन यूनिवर्सिटी ऑस्ट्रेलिया के प्रोवोस्ट प्रो जेरेमी किलबर्न विशिष्ट अतिथि होंगे, जबकि डीजीएमएस के निदेशक (एमएसई) सैफुल्लाह अंसारी, आईआईटी के निदेशक प्रो राजीव शेखर और उप निदेशक प्रो धीरज कुमार भी उपस्थित रहेंगे. [wpse_comments_template]
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