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धनबाद : जान लेवा हमला के दो आरोपियों को दस वर्ष की कैद

 

दस हजार रुपये मांगी थी रंगदारी, विरोध करने पर तलवार से किया घायल

Dhanbad : जानलेवा हमला करने के चर्चित मामले में आज 25 अगस्त को धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत ने नामजद आरोपी झरिया निवासी मीर जावेद एवं विट्ठल भुईया को दस वर्ष की कैद एवं पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा दी है. प्राथमिकी झरिया निवासी रिन्टू देवी की शिकायत पर चंदन धिकार, महेश यादव, विठ्ठल भुईयां, रवि धिकार, मीर जावेद के खिलाफ 15 सितंबर 21 को दर्ज की गई थी. प्राथमिकी के मुताबिक 12 सितंबर 21 को उपरोक्त लोग हरवे हथियार से लैस होकर दोपहर 12 बजे उसके पति ओमप्रकाश सिंह की दुकान  में गए और दस हजार रुपये रंगदारी की मांग करने लगे. विरोध करने पर मीर जावेद ने तलवार से ओमप्रकाश सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वह गिर गया. पत्नी बचाने गई तो उसके साथ छेड़खानी की कोशिश की गई. जब उसका पुत्र बचाने गया तो विट्ठल भुईयां ने उसका   हाथ रड मार कर तोड़ दिया. महेश यादव व एक अन्य व्यक्ति ने उसके भतीजे पर हमला कर दिया. सभी गंभीर रूप से जख्मी हो गए. अनुसंधान के बाद पुलिस ने सभी के विरुद्ध 21 नवंबर 21 को आपोप पत्र दायर किया था. 25 मार्च 22 को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी. अपर लोक अभियोजक अवधेश कुमार ने कुल आठ गवाहों का परीक्षण कराया था. सुनवाई के दौरान आरोपी चंदन धिकार, महेश यादव, रवि धिक्कार फरार हो गए, जिनका केस अलग कर इन दोनों पर मुकदमा चलाया गया.

  मटकुरिया गोलीकांड में दो गवाहों का बयान दर्ज

धनबाद : मटकुरिया गोलीकांड की सुनवाई जिला न्यायाधीश अखिलेश कुमाऱ की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान कांड के आरोपी पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, मन्नान मल्लिक, व अन्य हाजिर नहीं थे. अभियोजन ने गवाह पुलिस महेश्वर व सुनील कुमार महथा को पेश किया, जिसने घटना का समर्थन किया. बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता समर श्रीवास्तव,  ब्रजेन्द्र प्रसाद सिंह,  अरूण सिंह ने प्रति परीक्षण किया,जबकि अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक अवधेश कुमार ने किया.

   रिश्वत लेते धराए दरोगा की जमानत अर्जी खारिज

 धनबाद:  डायरी मैनेज करने के एवज में सुधीर साव से दस हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़े गए महिला थाना के एएसआई सतेंद्र पासवान की जमानत अर्जी एसीबी के विशेष न्यायाधीश नीरज कुमार विश्वकर्मा की अदालत ने  खारिज कर दीय प्राथमिकी सुधीर की शिकायत पर निगरानी थाने में दर्ज की गई थी.प्राथमिकी के मुताबिक एएसआई सत्येंद्र ने डायरी मैनेज करने के एवज में सुधीर से दस हजार रुपये की मांग की थी. शिकायत पर एसीबी ने जाल बिछाया और 8 जून 23 को सत्येंद्र को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया था. [wpse_comments_template]
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