कपड़ा व्यवसाय घाटे में : रितेश नारनोली
[caption id="attachment_396912" align="aligncenter" width="258"]alt="" width="258" height="300" /> रितेश नारनोली उपाध्यक्ष, थोक वस्त्र विक्रेता संघ [/caption] केंदुआ के थोक वस्त्र विक्रेता संघ के उपाध्यक्ष रितेश नारनोली बताते हैं कि इन दिनों कपड़ा व्यवसाय घाटे में है. कारण बताते हुए कहा कि बारिश नहीं होने से खेती-बारी चौपट हो गई, तो हमारी दुकानदारी पर भी असर पड़ा है. दुर्गा पूजा में भी कुछ खास उम्मीद नहीं है. 80 प्रतिशत ग्राहक धनबाद के ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं, जो पूरी तरह कृषि पर निर्भर हैं. इस बार बारिश ना होने से कृषि पर असर पड़ा है तो दुर्गा पूजा में भी हम उम्मीद नहीं लगा सकते.
लोगों के पास पैसा ही नहीं : श्रीकांत अग्रवाल
[caption id="attachment_396914" align="aligncenter" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> श्रीकांत अग्रवाल[/caption] पुराना बाज़ार के कपड़ा व्यवसायी श्रीकांत अग्रवाल बताते हैं कि इन दिनों मार्केट में पैसों की कमी है. लोगों के पास पैसे नहीं होने के कारण कपड़ा व्यवसाय की स्थिति नाजुक हो गई है. उन्होंने बताया कि यूं तो मार्केट थोड़ा ऊपर नीचे होता रहता है, लेकिन इन दिनों स्थिति ज्यादा खराब है. उनका कहना है कि तमाम दुकानदार त्योहारी सीजन से आस लगाए बैठे हैं. उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद इस वर्ष शायद दुर्गा पूजा में बड़े मेले का आयोजन हो सकता है. इसी उम्मीद पर हम टिके हुए हैं. उन्होंने हालत सुधारने के लिए व्यापारियों पर टैक्स कम करने की बात कही है.
खर्च भी निकालना भी मुश्किल : राजीव अग्रवाल
[caption id="attachment_396919" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="226" /> राजीव अग्रवाल[/caption] कपड़ा व्यवसायी राजीव अग्रवाल को दुकान का खर्च भी निकालना मुश्किल लग रहा है. उनका कहना है कि महंगाई से त्राहिमम मचा हुआ है, लोग खाने तक के पैसे नहीं जुटा पा रहे हैं. बढ़ती महंगाई के कारण कपड़ा की दुकानदारी पर असर पड़ा है. त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरी तैयारी कर ली है. हालांकि संशय बना हुआ है. बिक्री नहीं होने के कारण महाजन का भी बाकी हो चुका है.
बाजार की हालत नाजुक : समीर अग्रवाल
[caption id="attachment_396923" align="aligncenter" width="225"]alt="" width="225" height="300" /> समीर अग्रवाल[/caption] कपड़ा व्यवसायी समीर अग्रवाल को व्यवसाय बचाने की चिंता है. कहा कि लॉक डाउन के पहले शादी का सीजन देख भारी मात्रा में कपड़ा खरीदा. अब बड़े व्यापारी पैसा मांग रहे हैं. बाजार की हालत नाजुक है. हालांकि दुर्गा पूजा को देखते हुए नए डिजाइन के कपड़ों का आर्डर दे रखा है. अब दुर्गा पूजा में भी मार्केट ठंडा रहा तो बड़ी मुसीबत हो जाएगी. यह भी पढ़ें: धनबाद-भुवनेश्वर">https://lagatar.in/dhanbad-bhubaneswar-tri-weekly-special-train-starts-operating/">धनबाद-भुवनेश्वर
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