दसलक्षण पर्यूषण महापर्व के सातवें दिन विशेष पूजा
Dhanbad : दिगंबर जैनियों के दसलक्षण पर्यूषण महापर्व के सातवें दिन सोमवार 25 सितंबर को भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा किया गया. पुण्यार्जक विनोद गोधा व संतोष जैन थे. में उत्तम तप धर्म की विशेष पूजा की गई. इस अवसर पर पंडित मुन्ना लाल ने उत्तम तप धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि आत्मा की शुद्धि के लिए सांसारिक इच्छाओं को रोकना ही उत्तम तप है. तप जग से जीवों को पार लगाता है. जो जीव अहंकार को छोड़कर तपस्या करता है, वह मुक्ति रमा को प्यारा होता है. उन्होंने कहा कि संसार में बिना तप के कुछ नहीं मिलता और ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे तप से प्राप्त नही किया जा सकता. बुरे कर्मों का क्षय करना, अच्छे भाव, अच्छे गुण, अच्छी बातों को अपने जीवन में अंगीकार करना जिससे कि हमारे कार्यो का क्षरण शीघ्रता से होने लगे, वही वास्तिवक उत्तम तप है. आज के कार्यक्रम में चक्रेश जैन, रजत जैन, मनीष झांझरी, विजय गोधा, आकाश जैन , विशाल जैन, सजल जैन,शिल्पा जैन, ईशु जैन, नेहा जैन आदि उपस्थित थे . [wpse_comments_template]
Leave a Comment