Search

धनबाद  :  एसएनएमएमसीएच में इलाज कराने गया बंदी पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार

Dhanbad :   एसएनएमएमसीएच में इलाज कराने गया एक बंदी शनिवार रात पुलिस जवानों को चकमा देकर फरार हो गया.  खून की उल्टी होने की शिकायत पर भौंरा के बिट्टू तुरी को दोपहर तीन बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था.  जानकारी के अनुसार शाम करीब साढ़े सात बजे शौच के लिए वह शौचालय गया.इसके बाद वह शौचालय की खिड़की का रॉड तोड़ कर  फरार हो गया.  बंदी की सुरक्षा में लगे तीन जवानों को उसके भागने की खबर मिली तो उनके होश उड़ा गये. आनन-फानन में सरायढेला पुलिस और वरीय पुलिस अधिकारियों को मामले की सूचना दी गयी. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-7-november-2021/">सुबह

की न्यूज डायरी।7 नवंबर।हाजत से बदमाश फरार।किरीबुरू में 3 मासूम की मौत।हजारीबागःदो पक्षों में झड़प।देशमुख न्यायिक हिरासत में।समेत कई खबरें और वीडियो

बिट्टू तुरी  प्रथम तल पर स्थित बंदी वार्ड में भर्ती था

बताया जा रहा है कि बिट्टू तुरी  प्रथम तल पर स्थित बंदी वार्ड में भर्ती था. उसे कई दिनों से खून की उल्टियां हो रही थीं. कुछ दिन पूर्व भी वह एसएनएमएमसीएच में उपचार कराने आया था. दोबारा उसे भर्ती कराया गया तो वह तीन-तीन सुरक्षा जवानों को चकमा देकर भाग गया. बंदी की सुरक्षा की जिम्मेवारी पुलिस लाइन के हवलदार और जवान रोहित किस्कू, विनोद सोरेन और शिव शंकर पासवान पर थी. विनोद सोरेन उसे शौच कराने ले गया था. चर्चा यह भी है कि वह बाथरूम से निकल कर वार्ड के रास्ते भागा है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

अस्पताल में चारों तरफ उसकी खोजबीन हुई

घटना की सूचना मिलते ही सार्जेंट मेंजर अरुण किशन पुलिस टीम के साथ पहुंचे. अस्पताल में चारों तरफ उसकी खोजबीन हुई. देर रात तक जब वह नहीं मिला तो सरायढेला थाना में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गयी. इधर, ड्यूटी पर तैनात जवानों के खिलाफ  एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी जायेगी. उन पर निलंबन की तलवार लटक रही है. पुलिस भौंरा निवासी मोहन तुरी के पुत्र बिट्टू तूरी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है. अभी तक की छानबीन में पुलिस को सूचना मिली है कि चार फरवरी 2016 को डीएवी स्कूल के नौवीं के छात्र जामाडोबा शालीमार निवासी मोनू तूरी की हत्या में धनबाद सत्र न्यायालय से बिट्टू तूरी को 29 जुलाई 2016 को सजा हुई थी. आरोप था कि खटिया के पाटी से मार कर उसने मोनू की हत्या कर दी थी.  सात फरवरी 2018 को हाईकोर्ट ने इस मामले में   बेल पर उसे रिहा करने का आदेश दिया. अपील बेल पर निकलने के बाद वह दोबारा चोरी के केस में गिरफ्तार होकर धनबाद जेल गया था. अब न्यायिक अभिरक्षा से फरारी में उसे पुलिस ढूढ़ रही है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//