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धनबाद: परिस्थितियों से जूझने का मार्ग दिखाते हैं प्रेमचंद की कहानियों के पात्र

गुरुनानक कॉलेज में उपन्यास सम्राट की 143 वीं जयंती पर वक्ताओं के उद्गार

Dhanbad : गुरु नानक कॉलेज धनबाद के हिंदी विभाग में 31 जुलाई सोमवार को उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 143 वीं जयंती मनाई गई. समारोह में प्राचार्य डॉ संजय प्रसाद ने मुंशी प्रेमचंद की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये. अदिति और रजनीकांत ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. प्राचार्य ने कहा कि प्रेमचंद जी मनोरंजन के लिए नहीं लिख रहे थे. उन्होंने अपनी रचनाओं में लीक से हटकर देश की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थिति का वास्तविक चित्रण किया. प्रो. इन चार्ज अमरजीत सिंह ने कहा कि सामंतवादी और वर्चस्ववादी नीतियों के खिलाफ प्रेमचंद की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं. प्रेमचंद की कहानियों व उपन्यास के पात्र आज की विकट परिस्थितियों से जूझने का मार्ग दिखाते हैं. समारोह में वाणिज्य-विभाग के अध्यक्ष प्रो संतोष कुमार, प्रो डॉ. मीना मलखंडी, प्रो दीपक कुमार, प्रो दलजीत सिंह, प्रो साधना सिंह, प्रो अभिषेक सिन्हा, प्रो अर्णब सरखेल, प्रो सिमरन श्रीवास्तव, प्रो विनीता श्रीवास्तव,प्रो घनिष्ठा वर्मा, प्रो प्रतिमा कुमारी सहित 100 से अधिक छात्र व शिक्षक मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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