समस्या से जूझ रहे गांव को आदर्श कैसे कहें
मुखिया अपर्णा देवी ने कहा कि कहने को तो काशीटांड़ आदर्श गांव के रूप में जाना जाता है. परंतु दुर्भाग्य है कि इस गांव के लोग कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. कैसे इस गांव को आदर्श गांव का दर्जा दे दिया गया, यह तो पूर्व मुखिया या फिर प्रखंड के बाबू ही बता सकते हैं. गांव में पिछले कई महीनों से लोग पानी की समस्या से जूझ रहे थे. एमपीएल अधिकारियों से बात की तो सिर्फ आश्वासन का ही घूंट पिलाया. पंचायत सेवक ने फंड नहीं आने की बात कही. ऐसे में अपने स्तर से गांव में पानी की समस्या से लोगों को निजात दिलाई. उन्होंने कहा कि पंचायत के आसपास गांव में भी पेयजल की घोर किल्लत है. सभी चापाकल खराब पड़े हुए हैं सभी को ठीक कराने का काम करूंगी. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/data-on-light-rain-in-dhanbad-ineffective-49-percent-less-rain-so-far/">धनबादमें हल्की बारिश पर आकड़े बेअसर, अब तक 49 प्रतिशत कम बारिश [wpse_comments_template]

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