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धनबाद: देश को अनुशासन व चरित्र निर्माण वाली शिक्षा की जरूरत : स्वामी महेश्वरानंद

Dhanbad : रामकृष्ण-विवेकानंद भाव प्रचार परिषद के 32 वां वार्षिक सम्मेलन 30 अप्रैल रविवार को संपन्न हो गया. सम्मेलन रामकृष्ण विवेकानंद सोसाइटी बैंक मोड़ के प्रांगण में हुआ. सम्मेलन में बेलूर मठ, पटना, रांची, जमशेदपुर समेत कई शहरों के संतों ने भाग लिया. सम्मेलन व परिषद के अध्यक्ष स्वामी महेश्वरानंद महाराज ने कहा कि देश को आज चरित्र निर्माण, अनुशासन व मानव निर्माण करने वाली शिक्षा की जरूरत है. ऐसा करके ही समाज व देश में बदलाव लाया जा सकता है. उन्होंने स्वामी विवेकानंद व श्रीरामकृष्ण परमहंस के विचारों व आदर्शों पर चलने का आह्वान किया. [caption id="attachment_624435" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/vivekanand-300x174.jpeg"

alt="" width="300" height="174" /> रामकृष्ण विवेकानंद भाव प्रचार परिषद सम्मेलन में संत[/caption] पटना आश्रम के सचिव श्रीमत स्वामी सर्वविद्यानंद महाराज ने कहा कि स्वामी विववेकानंद सही अर्थों में युग प्रवर्तक थे और देश उनके दिखाए रास्ते पर चलकर ही प्रगति कर सकता है. देश को अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाने के लिए स्वामी विवेकानंद जैसे युग द्रष्टा की जरूरत है. सभा के अंत में संस्था के अध्यक्ष डॉ गोपाल चटर्जी एवं डॉ सुजाता चटर्जी की नेतृत्व में श्रुति नाटक प्रस्तुत किया, संस्था के सदस्य एवं बच्चों   ने उद्घाटन संगीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए. धर्म सभा ठाकुर के गीत से समाप्त हुई. सम्मेलन में रांची मुरादाबादी आश्रम के श्रीमत स्वामी भबेशानंद महाराज जी, टीबी सेनेटोरियम तुपुदाना रांची के सचिव श्रीमत स्वामी सत्संग आनंद महाराज जी, बेलूर मठ के प्रतिनिधि श्रीमत स्वामी भूदेव आनंद महाराज जी जमशेदपुर आश्रम के सचिव श्रीमत स्वामी करुणामयानंद महाराज, कन्वेनर एसएन झा, संस्था के सचिव अधिवक्ता सुजीत चंद्र मल्लिक, सभी सदस्य एवं शारदा संघ के सदस्य मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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