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धनबाद: घाटों की बंदोबस्ती से लगेगा बालू से तेल निकालने के खेल पर विराम

Mithilesh Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) बालू से तेल निकालने की कहावत को चरितार्थ करने में कोयलांचल इन दिनों सबसे आगे है. इस खेल को रोकने के मामले में पिछले साल जो भी प्रयास किये गए, उसमें आला अधिकारियों व खनन विभाग की जमकर छीछालेदर हुई है. दामोदर, बराकार, जमुनिया नदी से बालू की लूट अब भी जारी है. इस लूट से होने वाला मुनाफा भी अब तक सभी के बीच बंटता रहा है. हालत यह है कि तीनों नदियों में से किसी की बंदोबस्ती नहीं हुई है. मतलब साफ है कि बालू का कारोबार नहीं, लूट का खेल चल रहा है.

  सांठगांठ से फल-फूल रहा है अवैध कारोबार

बालू तस्करों और खाकी वर्दी की सांठगांठ से यह अवैध फलता-फूलता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि यह कारोबार 32 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का हो गया है. हिस्सा भी बंटा हुआ है. 12 करोड़ 60 लाख रुपये हर साल खाकी वर्दी वालों की भेंट चढ़ जाते हैं. हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अब यह खेल ज्यादा दिन चलनेवाला नहीं है. इस साल इन नदियों के घाट की बंदोबस्ती हो जाएगी. तीनों नदियों से बालू से तेल निकालने का धंधा लंबे समय से चला आ रहा है. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो बराकर, दामोदर और जमुनिया नदी से बालू की अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए खनन विभाग घाटों की बंदोबस्ती की तैयारी में जुटा हुआ है. इसी माह निविदा की प्रक्रिया शुरू होने का दावा भी किया जा रहा है.

   हर रोज 9 लाख रुपये का अवैध धंधा

बालू कारोबारियों से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि धनबाद जिले के अलग-अलग बालू घाटों से हर दिन 250 गाड़ियां निकलती हैं, जिससे प्रतिदिन 9 लाख रुपये का कारोबार होता है. पूरे माह में 2 करोड़ 70 लाख और साल में 32 करोड़ 40  लाख रुपया बालू से कमाई होती है. नजराना प्रति ट्रैक्टर, हाइवा और ट्रक के हिसाब से तय है. खाकी वर्दी धारियों को सुविधा शुल्क के रूप में प्रतिदिन 3 लाख 50 हजार मिल जाते हैं, जो महीने में 1 करोड़ 5 लाख और साल में 12 करोड़ 60 लाख रुपये होता है.

   इन नदी घाटों से निकलता है बालू

बराकर नदी के पांडेयडीह, बेजरा, बेजराबाद, मेरनवाटांड, चरक, सर्रा, दुम्मा, सिंदवारीटांड़, लहरपहाड़ी, विश्वाडीह,मोहलीडीह, घूरनीबेड़ा, चिरुरिया, सिजुआ, लुकैया, दलदली, बाजडीह, पालोबेरा, कापासारा, वहीं जमुनिया नदी के चैता,खानूडीह, पेंड्रा, हरिहरपुर तथा दामोदर नदी के तेलम चो, बागड़ा, सेंगरा,  मुनिडीह, सुदामडीह, मोहलबनी, डोमगढ़, डूंगरी सरसाकुंडी से अवैध बालू का उठाव होता है.

    11 माह में बालू तस्करों पर 123 एफआईआर

खान विभाग के अनुसार पिछले साल यानी जनवरी 2022 से नवंबर 2022 तक बालू तस्करों के खिलाफ अलग-अलग थानों में 123 मामले दर्ज हुए हैं. तद्नुसार जनवरी माह में 2, फरवरी में 14, मार्च में 7,अप्रैल में 3, मई में 8, जून में 19, जुलाई में 20, अगस्त में 14, सितंबर में 21, अक्टूबर में 9 और नवंबर में 6 तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है. हालांकि ये सभी छोटी मछलियां हैं.  बड़ी मछली को पकड़ने में खनन विभाग फेल रहा है.

 क्या कहते हैं ज़वाबदेह

खनन निरीक्षक राहुल कुमार कहते हैं कि उनका विभाग लगातार निरीक्षण करता रहा है.  अलग अलग टीम भी अवैध खनन स्थलों पर तैनात है. सूचना मिलने पर खनन स्थल पर भी जाते हैं.  अवैध बालू जब्त करने के साथ थाने में एफआईआर दर्ज कराते हैं. नवंबर तक की एफआईआर का डाटा भी है. अच्छी बात यह है कि बालू घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया चल रही है. इसी माह टेंडर भी निकल जाएगा. टेंडर फाइनल होने के बाद वैध तरीके से सभी घाटों से बालू की बिक्री शुरू हो जाएगी. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-patient-dies-in-asian-jalan-relatives-create-ruckus/">धनबाद

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