नवजत के लालन-पालन के लिए मांगा मुआवजा
अशोक चौहान ने कहा कि वह गर्भवती पत्नी को क्लिनिक लाये थे. डाक्टरों ने बड़े ऑपरेशन की बात कही. अस्पताल प्रबंधन के कहने पर 10 हजार रुपये जमा कर दिए. कुछ देर बाद बेटी होने की सूचना दी गई. परंतु अस्पताल प्रबंधन ने पत्नी को हार्ट अटैक आने की बात कह धनबाद SNMMCH अस्पताल ले जाने को कहा. SNMMCH पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया. बेटी के लालन पालन के लिए 10 लाख का मुआवजा मांगा गया. परंतु ढाई लाख में समझौता हुआ. अस्पताल प्रबंधन के गोपाल सिंह ने कहा कि महिला के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है. बच्ची स्वस्थ है. महिला की मौत पर संवेदना है. इलाज में कोई भूल नहीं हुई है. यह भी पढ़ें: दुमका:">https://lagatar.in/dumka-bike-rider-dies-in-road-accident/">दुमका:सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत [wpse_comments_template]

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