Gomoh: गोमो (Gomoh) तोपचांची की सत पहरी पहाड़ी की तलहटी में लगभग चार एकड बंजर भूमि में कृषक के अथक प्रयास से अब तरबूज की फसल लहलहा रही है. रंगरीटाड़ तोपचांची निवासी शिक्षित बेरोजगार युवक जमुना प्रसाद महतो को नौकरी नहीं मिली तो अपनी पुश्तैनी बंजर भूमि पर रोजगार की तलाश की. उस भूमि पर खेती की और अब अच्छी आमदनी कर रहा है. साल भर की मेहनत के बाद उस बंजर भूमि पर तरबूज के अलावा सब्जी की खेती भी हो रही है. जमुना प्रसाद महतो ने बताया कि शिक्षा ग्रहण के बाद भी जब कोई रोजगार नहीं मिला तो अपनी पुश्तैनी भूमि पर मेहनत करने की ठानी. उस पथरीली व बंजर भूमि पर पूर्वजों ने भी कभी खेती नहीं की थी. उस बंजर भूमि की सफाई शुरू की तो लोगों ने मजाक उड़ाया. लोग कह रहे थे कि इस भूमि पर कुछ नहीं उपजेगा. मगर मेहनत की बदौलत आज उसी 4 एकड़ भूमि पर पिछले 2 साल से खेती कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार इजराइली विधि से इस वर्ष पहली बार तरबूज की खेती की और सार्थक परिणाम आया. तरबूज के फसल बहुत अच्छी हुई. हर सप्ताह लगभग 3 -4 क्विंटल तरबूज बिक्री कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस पथरीली भूमि पर सिंचाई का सारा प्रबंध नहीं हो पाता है. पटवन की समस्या है. सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाए तो इस इलाके में बड़े पैमाने पर खेती की जा सकती है, जो रोजगार का बेहतर साधन हो सकता है. उनके उगाए गए तरबूज तोपचांची, गोमो, राजगंज, हरना व कतरास के बाजारों में बिक रहे हैं. उनकी तरबूज की फसल देखकर अन्य गांव के किसानों को भी प्रेरणा मिल रही है. [wpse_comments_template]
धनबाद: युवक की मेहनत रंग लाई, बंजर भूमि पर लहलहा रही तरबूज की फसल
Leave a Comment