कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा मंहगा, नाराज हुए नगर आयुक्त
Dhanbad : नगर निगम के 33 वार्ड सुपरवाइजरों की रोजी अधर में लटक गई है. 55 वार्डो की साफ-सफाई का जिम्मा उन्हीं 33 सुपरवाइजरों पर है. नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार के आदेश पर सभी सुपरवाइजरों को निगम के व्हाट्सएप ग्रुप से निकाल दिया गया है. इससे पहले 19 सितंबर को जारी पत्र में वार्डो की साफ सफाई के लिए कनीय अभियंताओं को प्रभार दिया गया था. बावजूद सभी सुपरवाइजर प्रतिदिन पहले की तरह अपनी सेवा दे रहे हैं, क्योंकि उनके हटाये जाने का कोई पत्र अब तक जारी नहीं किया गया है. मंगलवार 26 सितंबर को सभी सफाई कर्मियों की हाजिरी बनाने का जिम्मा भी कनीय अभियंताओं को दे दिया गया है. इस तरह बिना किसी आदेश पत्र के सभी 33 सुपरवाइजरों को कार्यमुक्त कर दिया गया है. 1188 कर्मियों को बहाल करने का निर्णय
नगर निकायों में मैनपावर की कमी को देखते हुए नगर विकास विभाग ने विभिन्न पदों पर कुल 1188 कर्मियों को बहाल करने का निर्णय लिया है. बहाली में सेनेटरी सुपरवाइजर पद के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन सेनेटरी इंस्पेक्टर कोर्स को जरूरी बताया गया है. निगम में कार्यरत सुपरवाइजरों का कहना है कि यह कोर्स झारखंड के किसी विश्वविद्यालय में नहीं कराया जाता. साथ ही हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उन्होंने मांग की है कि उन्हें इस प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए व अनुभव के आधार पर उन्हें प्राथमिकता दी जाए. कोर्ट में याचिका दायर करने की जानकारी मिलने के बाद से नगर आयुक्त ने सभी सुपरवाइजरों के सेवा विस्तार को भी रोक रखा है. बता दें कि बहाली में सेनेटरी सुपरवाइजर, सहायक, स्टोनोग्राफर, वेटरनरी ऑफिसर, फूड इंस्पेक्टर, स्ट्रीट लाइट इंस्पेक्टर, राजस्व निरीक्षक आदि के पद शामिल हैं. जेएसएससी ने बहाली का विज्ञापन भी निकाल दिया है. हर 6 माह में मिलता रहा है सेवा विस्तार
दैनिक मानदेय पर बहाल सुपरवाइजरों के जिम्मे वार्डों में सफाई का काम है. उन्हें हर 6 माह पर एक्सटेंशन मिलता रहा है. इस साल जनवरी में जून तक के लिए एक्सटेंशन मिल चुका था. जून से दिसंबर तक के लिए प्रक्रिया चल ही रही थी कि सुपरवाइजरों के हाईकोर्ट जाने का खुलासा हो गया. उसके बाद से ही उनके एक्सटेंशन पर तलवार लटकी है. जरूरत होगी तभी लेंगे सेवा: प्रकाश कुमार
सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार का कहना है कि सभी सुपरवाइजर दैनिक मानदेय पर रखे गए हैं. जब तक निगम को जरूरत होगी, उनकी सेवा ली जाएगी अन्यथा नहीं. . [wpse_comments_template]
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