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धनबाद: रेल अस्पताल कांड में केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी तक पहुंचा मामला

 

अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज  हुआ गायब ,ब्राह्मण महासंघ ने डीआरएम के खिलाफ खोला मोर्चा

Dhanbad : रेल मंत्रालय धनबाद मंडल रेल अस्पताल में कार्यरत अस्पताल सहायक बसंत उपाध्याय के साथ अमानुषिक घटना की जांच कराएगा. चौंकाने वाली बात तो यह है कि अस्पताल का सीसीटीवी  फुटेज गायब हो गया है. वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, वरीय मंडल सिग्नल व टेलीकॉम इंजीनियर संयुक्त रूप से जांच की. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को गायब पाया. इधर सार्वभौम शाकद्वीपीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने रेल मंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी को इस घटना से अवगत कराया है. जिसमें यथोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. श्री उपाध्याय ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और अन्य नेताओं को भी ट्वीट कर इस घटना से अवगत कराया. ज्ञातव्य है कि 22 जून शुक्रवार को धनबाद रेल मंडल अस्पताल में दांत का इलाज कराने पहुंची डीआरएम की पत्नी को अनजानवश अस्पताल सहायक श्री उपाध्याय ने चप्पल खोल कर चिकित्सक के चेम्बर में जाने को कहा तो आनन-फानन में उन्हें डीआरएम चेंबर में बुलाया गया और उनको निर्वस्त्र कर बाहर कर दिया  गया. इस व्यवहार से उन्हें इस कदर मानसिक आघात लगा कि वह वहीं गिर पड़े. उन्हें रेलवे अस्पताल ले जाया गया. परंतु मामला गंभीर देख रेलवे अस्पताल ने उन्हें अशर्फी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं.   [caption id="attachment_678924" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/hospital-basant-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> एक दिन पहले बसंत उपाध्याय को हॉस्पिटल ले जाते हुए[/caption] अशर्फी हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे बसंत उपाध्याय ने आज शनिवार को बताया कि भगवान ना करे ऐसी घटना किसी के साथ घटे. मैंने तो ऊपर के आदेश का पालन किया, जिसमें कहा गया है कि चेंबर में चप्पल-जूता उतार कर अंदर जाना है. यदि मेरी जगह कोई महिला सहायक होती तो उसके साथ किस तरीके से व्यवहार किया जाता, यह सोचकर हृदय कांप उठता है. अस्पताल में मौजूद उनकी पत्नी रुद्रानी उपाध्याय ने बताया कि उपाध्याय जी गहरे अवसाद में हैं. रेलवे अस्पताल के कर्मियों का सहयोग उनके लिए सम्बल का काम कर रहा है. उनके पुत्र अमन उपाध्याय असर्फी अस्पताल की सीढ़ियों से ऊपर-नीचे कर रहा है  और डरा सहमा सा है. घटना के बाद धनबाद रेल मंडल के किसी भी अधिकारी के अबतक अस्पताल में जाने की सूचना नहीं है, जबकि अस्पताल कर्मियों का आना जाना लगा हुआ है. बता दें कि बंसत उपाध्याय का बड़ा पुत्र अमन उपाध्याय पिता के साथ 24 घंटे खड़ा है. छोटा पुत्र अभिषेक अंबाला में है.  परीक्षा के कारण वह नहीं आ सका है. परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं. [wpse_comments_template]
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