ग्रामीणों को गांव जमींदोज होने का भय
इस संबंध में ग्रामीण संतोष गोराई, संजय गोराई, विजय गोराई, हराधन गोराई, दिनेश गोराई, आसित गोराई आदि ने बताया कि गांव के लखीकांत गोराई अपने आवास के समीप डीप बोरिंग करा रहे थे. 105 फीट बोरिंग होने के बाद ऑपरेटरों ने नीचे खदान होने की बात कहकर काम करने से इंकार कर दिया. ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उन्हें भय सताने लगा कि गांव कभी भी जमींदोज हो सकता है. ग्रामीणों का आरोप है कि मात्र 600 मीटर की दूरी पर गांव है. परंतु गांव में पानी की व्यवस्था तक कोलियरी प्रबंधन द्वारा नहीं की जा रही है. हैवी ब्लास्टिंग के कारण घरों में दरारें पड़ रही हैं. प्रबंधन ने घरों की मरम्मत कराने की बात कही थी. परंतु आज तक उस पर अमल नहीं हुआ. इधर गांव के नीचे खदान से कोयला निकालकर जमीन को खोखला कर दिया गया है. कभी भी गांव जमीन में समा सकता है.बातचीत से होगा शंका का समाधान: कोलियरी प्रबंधक
कोलियरी प्रबंधक पीके मिश्रा का कहना है कि श्यामपुर बी कोलियरी की भूमिगत खदान से लगभग 300 फीट नीचे से कोयले की निकासी की जा रही है. भूमिगत खदान गांव की बगल से निकली है. गांव को छोड़ दिया गया है. राष्ट्रीयकरण के पहले से खदान होगी. ग्रामीणों के शंका समाधान के लिए वैज्ञानिक जांच कराने की मांग वरीय पदाधिकारियों से करेंगे. वर्तमान समय में कोलियरी का नक्शा भी ग्रामीणों को दिखाया गया. परंतु वे लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं थे. बुधवार एवं गुरुवार को बातचीत के जरिये मामले का समाधान कर दिया जाएगा. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-dvc-pensioners-forum-raises-voice-against-hike-in-housing-rent/">धनबाद: डीवीसी पेंशनर्स फोरम ने आवास भाड़ा बढ़ोतरी के खिलाफ उठाई आवाज [wpse_comments_template]

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