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धनबाद:  कार्यालय तो खुला नहीं, उपहास का पात्र अवश्य बन गई कांग्रेस

 
 Niraj Kumar Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) वर्ष 2011 से कानूनी ताले में कैद कांग्रेस जिला कार्यालय को लेकर विगत तीन-चार दिनों में बड़ी-बड़ी बातें हुई. 12 अप्रैल को धरना में कांग्रेस के राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय नेता व मंत्री ने मंच से खूब बातें की. मगर ताला खुलवाने को लेकर कानूनी व जमीनी स्तर पर जो कोशिश होनी चाहिए थी, वह नहीं हुई. मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंच से कड़े शब्दों का प्रयोग किया. मगर मंच के नीचे आते ही संवैधानिक पद पर होने का राग अलापने लगे. लोग उपहास उड़ा रहे हैं कि जब एक कार्यालय का ताला नहीं खुलवा पा रहे हैं तो सरकार में चार-चार मंत्री रहने का क्या फायदा.

जब कानूनी रास्ते से खुलेगा ताला तो भाषणबाजी क्यों

जय भारत अभियान में जुटे कांग्रेसी राहुल गांधी के खिलाफ कथित साजिश का विरोध करने जमा हुए थे, लेकिन मंच से कार्यालय पर ज्यादा भाषणबाजी हुई. कार्यक्रम की समाप्ति के बाद कांग्रेस से जुड़े कुछ नेता कह रहे हैं कि आज वे कार्यालय का ताला खुलने की उम्मीद लेकर आए थे. परंतु सिर्फ भाषण सुनना पड़ा.

  जब मंत्री की बात में आकर ताला तोड़ना पड़ा था महंगा

14 फरवरी 2022 को झारखंड सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता की ललकार पर कांग्रेस के एक नेता ने कार्यालय का ताला तोड़ दिया था. फिर कानूनी मामला का हवाला देकर सभी पीछे हट गए. फिर हाई कोर्ट के रास्ते मामला निपटाने की बात कहीं गयी. तब मंत्री बन्ना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को जल्द कार्यालय खुलवाने का आश्वासन भी दिया था. एक वर्ष पूर्व तत्कालीन जिलाध्यक्ष ब्रजेन्द्र सिंह ने कांग्रेस के एक अन्य मंत्री आलमगीर आलम को भी खूब खरी-खोटी सुनाई थी. अब एक वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

 कांग्रेस के चिंतन शिविर में भी उठा था मामला

फरवरी 2022 में पारसनाथ में कांग्रेस के चिंतन शिविर में शामिल कांग्रेसी मंत्रियों की उपस्थिति में कार्यालय का ताला खुलवाने का मुद्दा उठा था. चिंतन बैठक में झारखंड प्रभारी अविनाश पांडेय समेत सभी दिग्गजों ने यही राग छेड़ा था. ऐसे में 12 अप्रैल को जय भारत अभियान में फिर कांग्रेसियों ने केवल भाषणबाजी की.

आखिर क्यों कर रहे ऐसी बयानबाजी : राज सिन्हा

विधायक राज सिन्हा कहते हैं कि उन्हीं का कार्यालय है, उन्हीं की सरकार है तो वे किस पर बयानबाजी कर रहे हैं. धीरे-धीरे कांग्रेस की कहानी खत्म होती जा रही है. जब उनके नेता ही देश में उपहास के पात्र बनते जा रहे थे. तो ये लोग भी उनके पीछे हैं.

कोर्ट मामले में बयानबाजी ठीक नहीं: चंद्रशेखर सिंह

भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि यह कोर्ट का मामला है इसमें अपना विचार रखना न्यायोचित नहीं है. ताला तोड़ना, फैसले पर उंगली उठाना अवमानना है. हालांकि यह उनकी पार्टी का मामला है. लेकिन जिस प्रकार से वे कर रहे हैं, यह उपहास वाली बात है.

भाजपा सरकार ने बंद कराया था कार्यालय :  संतोष

कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि वर्ष 1952-53 में बिहार सरकार से जमीन मिली थी. जमीन का कुछ पैसा बाकी रह गया था. इसी का लाभ उठाकर भाजपा सरकार ने षड्यंत्र के तहत कांग्रेस कार्यालय को बंद करा दिया था. पार्टी सरकार पर दबाव बना रही है कि वह राशि में कुछ रियायत दे. पैसा जमा करने को तैयार हैं. [wpse_comments_template]
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