Search

धनबाद : किशोरावस्था में जो सध गया वो पतन मार्गी नहीं हो सकता : विजय कौशल महाराज

Nirsa : गोविंदपुर के होटल में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन 5 जनवरी को संत विजय कौशल महाराज ने कहा कि किशोरावस्था जो सध गया वो किसी भी काल-परिस्थितियों में पतन मार्गी नहीं हो सकता. युवा अवस्था एक मनोवृत्ति है जिसमं परिवर्तन, सृजन का भाव, संकल्प समाहित होता है. भोजन, वेश, भाषा तीनों को बिगाड़ने से समाज व देश भ्रष्ट होता है. इसका हर किसी को ख्याल रखना चाहिए. खानपान और पहनावे की चर्चा करते हुए महाराज जी ने कहा कि असभ्य पहनावा और अमर्यादित आचरण करने की मनोवृत्ति को नारी स्वतंत्रता का नाम देकर संस्कृति के मूल पर प्रहार किया जा रहा है. भारत में नारी को माता का दर्जा दिया गया है. लेकिन माता को ही विकृत करने की कोशिश की जा रही है. नारी को संस्कारित होना चाहिए. क्योंकि घर, समाज में शांति और उन्नति का मार्ग संस्कारों से ही प्रशस्त होता है.

उत्कर्ष सत्र में शामिल हुए 200 युवा

सुबह दस बजे झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच गोविंदपुर शाखा के आतिथ्य में उत्कर्ष सत्र का आयोजन हुआ. इसमें 200 युवा शामिल हुए. युवाओं ने महाराज जी से तनाव रहित जीवन, सामाजिक व्यवस्था, पारिवारिक स्थिति और सामाजिक लोकाचार से जुड़े प्रश्न पूछे. श्रीराम कथा से पूर्व व्यासपीठ की पूजन के पश्चात महाराज ने झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच की राजस्थानी संस्कृति और रीति-रिवाजों से संबंधित पुस्तिका नेगचार का लोकार्पण किया. शुक्रवार को कथा का विश्राम दिवस है. इससे पूर्व मुख्य यजमान शंभूनाथ अग्रवाल ने उनकी पत्नी उर्मिला देवी, नंदलाल अग्रवाल, बलराम अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, पायल अग्रवाल, सुभद्रा केजरीवाल सहित अन्य परिजनों के साथ व्यासपीठ की पूजा की. कथा में मारवाड़ी युवा मंच के प्रांतीय अध्यक्ष नंदलाल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-a-grand-march-took-place-in-chirkunda-with-music/">धनबाद

: चिरकुंडा में गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य निशान यात्रा [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp