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धनबाद: पीडीएस दुकानों से गरीबों को हर माह कम मिल रहा है अनाज

 

सवाल पूछने पर एक ही जवाब-कम अनाज आ रहा है तो करें क्या

Mithilesh Kumar Dhanbad: जिले की जन वितरण प्रणाली की (पीडीएस) दुकानों में खाद्यान वितरण की स्थिति ठीक नहीं है. 1639 दुकानों में हर जगह लोगों के साथ अलग-अलग परेशानी है. कहीं अनाज कम मिल रहा है, तो कहीं समय पर नहीं मिल रहा है. इससे भी बड़ी बात यह है कि कोई भी दुकानदार अनाज की रसीद नहीं देता है. कालाबाजारी का खेल अलग से है. बायोमीट्रिक सिस्टम के बाद भी गरीबों का अनाज अन्य दुकान व होटलों तक पहुंच जा रहा है. यह काम शहर से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में हो रहा है. गरीबों से बायोमीट्रिक मशीन पर अंगुली का निशान लगाकर दुकानदार कम अनाज दे रहे हैं. सवाल पूछने पर जवाब होता है कि अनाज ही कम आ रहा है, हम क्या करें. इधर अनाज अच्छे दाम में दूसरी जगह खपा दिया जाता है. यह खेल लंबे समय से आराम से चल रहा है.

                   लोगों ने सुनाई दर्द की दास्तां

  [caption id="attachment_766014" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/lal-babu-1-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> लाल बाबू राउत[/caption] चिरागोडा निवासी लालबाबू राउत ने बताया कि उनके पास लाल कार्ड है. कोर्ट कैंपस स्थित पीडीएस दुकान से अनाज लेता हैं. अभी सिर्फ चावल ही पूरा मिलता है. पिछले छह माह से गेहूं आधा मिल रहा है. पहले 12 किलो मिलता था, अब सिर्फ 6 किलो मिल रहा है. इसके अलावा नमक मिलता है और कुछ नही. [caption id="attachment_766020" align="aligncenter" width="272"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/maina-devi-1-272x181.jpg"

alt="" width="272" height="181" /> मैनाा देवी[/caption] मैना देवी कहती हैं कि डेढ़ साल से सिर्फ 10 किलो गेहूं मिल रहा है. पहले 20 किलो मिलता था. कम गेहूं के बदले चावल मिलता था. छह माह से वह भी बंद है. मदन प्रसाद की कहानी भी ऐसी ही है. ग्रीन कार्डधारी कतरास निवासी बेलाल अंसारी ने बताया कि उन्हें तो साल में एक बार सिर्फ चावल ही मिलता है. दुकानदार बोलता है कि अनाज ही नहीं आ रहा है तो क्या करें. अंत्योदय कार्डधारी अब्दुल कलाम ने बताया कि चावल ठीक मिलता है,लेकिन दुकानदार वजन कम देता है. गेहूं भी कम मिलता है. चीनी कभी कभी मिलता है. दुकान खोलने का समय सुबह 8 से 2 बजे तक है, लेकिन 11 बजे ही दुकान बंद कर देता है. जिले में कमोबेश सभी जगह यही स्थिति है.

सरकार की पॉलिसी ही ऐसी है तो क्या करें

शहर के भिस्तीपाड़ा स्थित पीडीएस दुकानदार मिथिलेश कुमार सिंह बताते हैं कि अनाज समय पर कहां मिल रहा है. मेरे पास पहले का स्टॉक था तो अभी राशन लोगों को दे रहा हूं.  गेहूं कई माह से कम आ रहा है, इसलिए लोगों को कम गेहूं दिया जा रहा है. चावल तो पूरा दे रहे हैं. इसके अलावा नमक देते हैं. चीनी सिर्फ अंत्योदय कार्ड वालों को दिया जाता है, उसकी गिनती क्या करना है. किसी महीने में तो अंत्योदय वालों को भी चीनी नहीं मिल पाता है. अब सरकार की पॉलिसी ही ऐसी है तो हमलोग क्या करें.

ऑनलाइन में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं: डीएसओ

जिला आपूर्ति पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद का दावा है कि ऑनलाइन प्रक्रिया में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं के बराबर है. ग्राहक की मिलीभगत से ही पीडीएस दुकानदार अनाज की कालाबाजारी कर सकते हैं. ऐसे दुकानदारों पर पूरी नजर रहती है. शिकायत मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है. गेहूं कम आ रहा है, इसलिए लोगों को कम गेहूं मिल रहा है. ग्रीनकार्ड वालों को मार्च तक का अनाज दिया जा चुका है. अनाज की उपलब्धता होने पर आगे की भी भरपाई की जाएगी. [wpse_comments_template]
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