जिले के डीसी तक चिंतित हैं. लोगों को पर्याप्त बिजली मिले इसके लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. लेकिन बिजली है कि मानती नहीं. झारखंड के ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने 30 अप्रैल को धनबाद सहित बिजली बोर्ड के सभी एरिया के जीएम को कम से कम बिजली कटौती करने का निर्देश दिया. इसके बावजूद बोर्ड पर कोई असर नहीं हुआ. बारिश के बाद भी लोडशेडिंग के नाम पर धनबाद शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक पांच घंटे बिजली काटी गई. ग्रामीण इलाकों में तो और बुरा हाल रहा. वहां दिन में 6 घंटा बिजली गुल रही. सबसे खराब स्थिति झरिया, गोविंदपुर व टुंडी प्रखंड की रही.
लोगों ने सरकार पर उतारा गुस्सा
बिजली की लचर व्यवस्था पर झरिया कोलफील्ड बचाओ समिति के अध्यक्ष मुरारी शर्मा ने कहा कि झारखंड सरकार ने झरिया की जनता को भीषण गर्मी में मरने के लिए छोड़ दिया है. सरकार यदि सख्ती दिखाती, तो एक दिन में बिजली सुधर सकती थी. व्यवसायी उपेंद्र गुप्ता ने कहा कि बिजली नहीं रहने से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है. रात में लोग सो नहीं पा रहे. अब बहुत हो गया. सरकार को सार्थक पहल करनी चाहिए. छात्र शिवम कुमार ने बताया कि बिजली नही रहने से पढ़ाई बाधित हो रही है. कोरोना के कारण पहले ही दो साल की पढ़ाई चौपट हो गई है. इस साल गर्मी और बिजली के कारण परेशानी बढ़ गई है. जिला प्रशासन को इसके लिए तुरंत पहल करनी चाहिए.इधर, बिजली विभाग के अधिकारी के गजब बहाने
ऊर्जा विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी एसबी तिवारी ने कहा कि अचानक मौसम खराब होने के कारण दोपहर तीन बजे बिजली काटी गई है. जल्द ही सभी जगह बहाल कर दी जाएगी. रही बात सुबह में कटने कि, तो ये प्रॉब्लम डीवीसी से थी. डीवीसी कब बिजली काटता है, इसकी जानकारी वो नही देता. अन्य कुछ जगहों पर फ्यूज उड़ने या लोकल फॉल्ट के कारण कुछ समय के लिए बिजली काटी गई होगी. एक साथ सभी जगह बिजली नही काटी गई है. हमलोग इतनी गर्मी के बाद भी पर्याप्त बिजली देने का काम कर रहे हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=300193&action=edit">धनबाद: बीबीएमकेयू के कुलपति तानाशाही पर उतरे, सरकार इन्हें हटाए- आर्यन [wpse_comments_template]

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