के दर्जनों बिल्डर शामिल हुए. क्रेडाइज के अध्यक्ष अमरेश सिंह ने कहा कि रेरा कानून की जानकारी के अभाव में बिल्डरों को काम करने व आपसी तालमेल के अभाव में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इसे दूर करने के लिए ही कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें सदस्यों को रेरा एक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी गई. हर बिंदु को समझाया गया. रेरा एक्ट एक सिस्टम है, जिसके तहत काम करने से बिल्डरों के बीच आपसी तालमेल भी बेहतर होंगे और कठिनाइयां भी दूर होंगी.
वर्ष 2016 को बना था रेरा कानून
रेरा का पूरा नाम रियल एस्टेट विनियम और विकास अधिनियम है. यह कानून वर्ष 2016 में संसद में पास हुआ था. इसे घर खरीदारों के हित की रक्षा और अचल संपत्ति में अच्छे निवेश को बढ़ावा देने के लिए इसे बनाया गया था. इसमें कुल 92 धाराएं हैं. इससे संबंधित विधेयक को राज्यसभा ने 10 मार्च 2016 को और लोकसभा ने 15 मार्च 2016 को पारित किया था. यह भी पढ़ें :">https://lagatar.in/dhanbad-development-of-society-will-be-done-by-promoting-mutual-solidarity-and-education/">धनबाद : आपसी एकजुटता व शिक्षा को बढ़ावा से होगा समाज का विकास [wpse_comments_template]

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