Search

धनबाद: बीबीएमकेयू की कार्यशाला में प्राचार्यों को बताये गए एनईपी के नियम

Dhanbad : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के भेलाटांड़ स्थित नए कैंपस में नई शिक्षा नीति (एनईपी) के नियमों से अवगत कराने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर सुखदेव कोई ने कहा कि एनईपी को इस तरह से गढ़ा गया है कि इससे विद्यार्थी स्किल्ड बनेंगे. यह जॉब ओरिएंटेड है. एनईपी को-ऑर्डिनेटर प्रो हिमांशु शेखर चौधरी ने बताया कि 4 वर्षों में यूजी 160 क्रेडिट का होगा. हर सेमेस्टर में विद्यार्थियों को 20 क्रेडिट की पढ़ाई करनी होगी. एक सेमेस्टर के 12 पेपर होंगे. इनमें से 9 पेपर (75%) में पास होने वाले विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा.

  अलग-अलग सेमेस्टर की दी गयी जानकारी

उन्होंने सब्जेक्ट मैपिंग, मेजर व माइनर पेपर, डिस्पिलिनीयरी और इंटर डिस्पिलिनीयरी विषय के चुनाव का प्रावधान व अलग-अलग सेमेस्टर के नियमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्किल एनहैंसमेंट कोर्स के रूप में बीबीएमकेयू के सभी कॉलेजों में अंडरस्टैंडिंग इंडिया की ही पढ़ाई होगी. कार्यशाला को प्रति कुलपति प्रो पीके पोद्दार, परीक्षा नियंत्रक डॉ सुमन कुमार बरनवाल, एडमिशन काउंसिल के चेयरमैन प्रो नविता गुप्ता ने भी संबोधित किया. कार्यशाला में पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के प्राचार्य डॉ कौशल कुमार, आरएस मोर कॉलेज के प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार, मॉडर्न कॉलेज टुंडी के प्राचार्य डॉ इंद्रजीत कुमार, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ शर्मिला रानी, गुरु नानक कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार, बीबीएमकेयू के डेवलपमेंट ऑफिसर प्रो आरपी सिंह के अलावा लगभग सभी संबद्ध और अंगीभूत कॉलेजों के प्राचार्य मौजूद थे. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp