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धनबाद:  सूंड़ी समाज का सामाजिक आंदोलन बहुत ही पुराना : कंसारी मंडल

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) झारखंड सूंड़ी समाज कल्याण समिति का 44वां वार्षिक महाधिवेशन 23 मार्च को धैया दुर्गा मंदिर प्रांगण में होगा. वर्ष 1980 में 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस के दिन धैया दुर्गा मंदिर प्रांगण में पहला अधिवेशन हुआ था. यह जानकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष कंसारी मंडल ने मंगलवार 21 मार्च को गांधी सेवा सदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने कहा इस बार का अधिवेशन ऐतिहासिक होगा. अधिवेशन में भारी संख्या में समाज की महिलाएं व पुरुष मौजूद रहेंगे. पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष कंसारी मंडल ने कहा कि सूंड़ी समाज का सामाजिक आंदोलन बहुत ही पुराना है. सामाजिक आंदोलन से सूड़ी समाज में दहेज रूपी कुप्रथा समाप्त हो चुकी है. बहुत सारी अन्य कुप्रथाओं को भी दूर करने का काम सामाजिक मंथन से हुआ है. सूड़ी जाति को झारखंड में अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग के आंदोलन में भी समाज एक पड़ाव आगे बढ़ा है. राज्य में पहले सूड़ी जाति पिछड़ा वर्ग-2 में थी, जिसे वर्तमान सरकार ने पिछड़ा वर्ग-1 की सूची में सम्मिलित किया है. उन्होंने कहा कि समाज के आंदोलन के परिणामस्वरूप झारखंड में सूड़ी जाति को अनुसचित जाति की में सम्मिलित करने का प्रस्ताव वर्तमान झारखंड सरकार ने पारित कर केन्द्र सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा है. केन्द्र सरकार विलंब कर रही है. महाधिवेशन के दिन दिल्‍ली में केन्द्र सरकार के समक्ष प्रदर्शन करने की घोषणा होगी. केन्द्रीय संरक्षक सह पूर्व पार्षद रेखा मंडल ने कहा कि सामाजिक आंदोलन से बहुत सारी सामाजिक कुरीतियों को दूर किया गया है. महिला एवं पुरूष जागरूक हुए हैं और शिक्षण एवं राजनीति में भी भागीदारी बना रहे हैं. महिला शिक्षा दर में भी वृद्धि हुई है तथा महिलाएं भी सामाजिक आंदोलन में भारी संख्या में शामिल होंगी. प्रेस वार्ता में केंद्रीय सचिव गौतम मंडल, नुनुलाल मंडल, जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मंडल, जिला सचिव सैलेन मंडल,निमाई मंडल,फटिक मंडल, सुनील मंडल, सत्यजीत मंडल, वीरेंद्र मंडल, मनिंद्र मंडल, संतोष मंडल, गौतम मंडल, समीर मंडल, सुबोध मंडल, खिरोधर मंडल आदि मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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