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धनबाद: प्रभु की कथा देती है वह दिशा, जो जिंदगी की दशा बदल देती है : साध्वी अमृता

Putki : पुटकी (Putki)  साउथ बलिहारी फुटबॉल मैदान में पांच दिवसीय श्री हरि कथा के प्रथम दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी अमृता भारती के कथा वाचन संध्या 7 बजे से 9 बजे तक हुआ. साध्वी ने सरल,सारगर्भित और आध्यात्मिक विवेचना से परिपूर्ण कथा का वाचन करते हुए कहा कि श्री हरि अनंत है और उनकी कथा भी अनंत है. यूं तो प्रभु अनेक रूप में इस धरा पर आए, लेकिन दशावतार मुख्य माना जाता है. श्री हरि का धरा पर प्रकटीकरण के अनेक कारण हैं और सभी परम विलक्षण हैं. त्रेता में भगवान राम ने जहां वन प्रदेश में छिपे दैत्यों का वध किया. वही हनुमान और तारा जैसे भक्तों को विमल विलोचन  प्रदान कर अपने विराट रूप के दर्शन भी कराये. द्वापर में एक तरफ श्री कृष्ण ने पूतना, कंस, शिशुपाल आदि का नाश किया, तो कुरुक्षेत्र की भूमि पर अर्जुन को दिव्य दृष्टि द्वारा विराट रूप के दर्शन भी कराये. समय चक्र घूमता रहा, कलियुग में राक्षसी प्रवृत्तियां किसी खास वर्ग तक सीमित नहीं रही, अपितु समस्त नर नारियों के हृदय को कलुषित करने लगी. इसलिए कलियुग के अवतारी महापुरुषों ने दुराचारियों के हृदय परिवर्तन पर बल दिया और इस कार्य के लिए ब्रह्म ज्ञान को अपना अस्त्र बनाया. सज्जन ठग, अंगुलिमाल, पिंगला वेश्या आदि के हृदय को ज्ञान द्वारा परिवर्तित कर उसे सच्चा मानव, सच्चे भक्त की श्रेणी में ला खड़ा किया. साध्वी ने कहा कि प्रभु की कथा में छिपे बहुमूल्य सूत्र ना केवल वृद्ध, अपितु युवाओं और बच्चों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर ओर तनाव और अवसाद ने विशेष जगह बना ली है, प्रभु की कथा वह दिशा प्रदान करती है, जो हमारी जिंदगी की दशा को बदल देती है. शिष्य स्वामी धनंजयानंद जी ने कहा कि आज के इस युग में इंसान बौद्धिक, मानसिक व  शारीरिक विकास की ओर तो जागरूक है, पर आत्मिक विकास के अभाव में पतन की ओर जा रहा है. पूर्ण संत मानव को आत्मिक तौर पर जगा कर श्रेष्ठ समाज का निर्माण करते हैं. [wpse_comments_template]

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