Dhanbad : राज्य के परिवहन व आदिवासी कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड सोने की चिड़िया है. इस पर पहला हक आदिवासी, मूलवासियों का है. लेकिन इस हक से इन्हें दूर रखा गया. आज ये अपने हक के करीब आ रहे हैं. हेमंत सोरेन सरकार ने जो काम अपने 3 साल के कार्यकाल में कर दिखाया, भाजपा उसे सात जन्मों में भी नहीं कर पाएगी. चंपई सोरेन 4 जनवरी को धनबाद के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहीं. वे रांची से देवघर जाने के क्रम में थोड़ी देर के लिए धनबाद में रुके थे. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार गठन के ठीक बाद ही कोरोना की आफत आ गई. इस समय भी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए. प्रवासी मजदूरों को ट्रेन, बस और जहाज से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया. इतना ही नहीं, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पेंशन, छात्रवृत्ति में भी बदलाव लाया गया है. फसलों की सिंचाई के लिए खेतों तक पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का काम शुरू किया गया है. 7-8 महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा. यह सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखकर काम कर रही है.
पारसनाथ मुद्दे का समाधान जल्द
पारसनाथ में जैन समुदाय के तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर जी के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में चंपई सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मुद्दे पर सभी पक्षों से विचार-विमर्श कर रहे हैं. जल्द ही समाधान निकल जाएगा. इससे पूर्व धनबाद पहुंचने पर जेएमएम कार्यकर्ता ने मंत्री का भव्य स्वागत किया. चंपई ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की गतिविधियों पर विचार-विमर्श किया. भी पढ़ें :
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