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धनबाद:  भारतीय ज्ञान प्रणाली को विश्व कर रहा आत्मसात : प्रो राजीव शेखर

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) भारतीय ज्ञान प्रणाली और नई शिक्षा नीति 2020 को लेकर बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के नए परिसर में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का एक दिवसीय पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया. पैनल डिस्कशन में 16 विश्वविद्यालयों के कुलपति को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से छह ने भाग लिया. चर्चा में सभी कुलपतियों ने नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ करने की जरूरत बताई. आईआईटी-आईएसएम के निदेशक प्रो राजीव शेखर ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा, शिक्षा केंद्र या स्वयं के मूल्यों की उन्नति नहीं, बल्कि अच्छे पैकेज के लिए आते हैं. बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली ने दुनिया को रहने लायक बेहतर जगह बनाया. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी वाराणसी के कुलपति प्रो एके त्यागी ने कहा कि बाहरी आक्रांताओं की वजह से विश्व की सभी शिक्षा प्रणाली खत्म हो गई, लेकिन भारतीय ज्ञान प्रणाली इतनी मजबूत थी कि यह केवल प्रभावित हुई है. [caption id="attachment_629264" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/kulpati-300x233.jpeg"

alt="" width="300" height="233" /> सम्मेलन में मौजूद सभी कुलपति व प्रति कुलपति[/caption] बीआईटी सिंदरी के निदेशक सह बीबीएमकेयू के पहले प्रभारी कुलपति प्रो डीके सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय शिक्षा प्रणाली को संरक्षित करने का प्रयास किया गया है. सिद्धू-कान्हू मेमोरियल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सोनाझरिया मिंज ने कहा कि हमारा गौरवशाली अतीत रहा है. हमें उसे समृद्ध करने की आवश्यकता है. बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो शुकदेव भोई ने कहा कि केवल डॉक्टर, इंजीनियर बनने व पैसा कमाने का कांसेप्ट बदलना होगा. शिक्षा का मतलब नौकरी के पीछे दौड़ना नहीं, बल्कि नौकरी पैदा करना है. बीबीएमकेयू के प्रति कुलपति प्रो पवन कुमार पोद्दार ने कहा कि हमें सूचना को ज्ञान, ज्ञान को विचार और विचार को व्यवहार में लाने वाले शिक्षण प्रणाली की आवश्यकता है. मंच संचालन डॉ हिमांशु शेखर चौधरी ने किया. प्रो भोई ने सभी कुलपति और पीजी टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों को सम्मानित किया. इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ सुधिन्ता सिन्हा, डीएसडब्ल्यू डॉ एसके सिन्हा, फाइनेंस ऑफिसर डॉ मुनमुन शरण, डेवलपमेंट ऑफिसर प्रो आरपी सिंह, रूसा के डिप्टी डायरेक्टर प्रो धनंजय कुमार सिंह, प्रो धर्मेंद्र कुमार सिंह के अलावा दर्जनों प्रोफेसर व अधिकारी मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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