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धनबाद : सरकारी अस्पतालों में गंभीर नवजातों के इलाज़ की व्यवस्था नहीं, दम तोड़ रहे बच्चे

SNMMCH में इकलौता वेंटिलेटर ख़राब, जा रही बच्चों की जान, सदर अस्पताल में अब तक चालू नहीं किया जा सका है NBSU यूनिट
Dhanbad : एसएनएमएमसीएच के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में बीते सोमवार की देर शाम तीन घंटे में तीन नवजात की मौत हो गई. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि NICU में वेंटिलेटर की व्यवस्था नहीं है. अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी की वजह से लगातार बच्चे दम तोड़ रहे हैं. सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी बच्चों की डेथ रेशियो पर SNMMCH प्रबंधन लगाम नहीं लगा पा रहा है. बताते चलें कि अस्पताल के NICU में एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एक वेंटिलेटर उपलब्ध है. अस्पताल अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने बताया कि वह भी खराब है. उनका कहना है कि वेंटिलेटर सोमवार की दोपहर को ही खराब हो गया. एक और वेंटिलेटर उपलब्ध है लेकिन वह एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए है. जबकि जानकार बताते हैं कि वेंटिलेटर लंबे समय से खराब है और इसकी मरम्मत के लिए सरकार से फंड भी मिला है. बावजूद समय रहते प्रबंधन ने वेंटिलेटर की मरम्मत नहीं कराया.  नतीजा आये-दिन नवजात अव्यवस्था के बीच दम तोड़ रहे हैं.

वेंटिलेंटर होता तो बच सकती थी जानें

NICU में पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर होता तो संभवत: दम तोड़ने वाले नवजातों की जान बचाई जा सकती थी. पूर्व में अस्पताल अधीक्षक रहे डॉ. एके बर्णवाल ने DMFT फंड से वार्मर और वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था. लेकिन पूर्व उपायुक्त के निर्देश के बाद भी अब तक अस्पताल को न वार्मर मिला और ना हीं वेंटिलेटर. प्रस्ताव आज तक फाइल में ही दब कर रह गया है.

NICU में एक वार्मर पर तीन नवजात

SNMMCH के NICU में कुल 12 वार्मर हैं. नियमत: एक वार्मर पर एक नवजात को रखा जाना है. लेकिन NICU में अक्सर दो से तीन नवजात को रखा जाता है. विभागाध्यक्ष डॉ अविनाश कुमार का कहना है कि काफी गंभीर हालत में रेफर कर बच्चों को यहां भेजा जाता है. जिन्हें विवशता में एक ही वार्मर पर रखना पड़ता है. विभाग में मैनपावार की भी कमी है. [caption id="attachment_762069" align="alignnone" width="225"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/SNMCH-BACCHE-225x300.jpg"

alt="" width="225" height="300" /> एसएनएमएमसीएच के एनआईसीयू में एक वार्मर पर दो बच्चे[/caption]

सदर अस्पताल में नहीं चालू हो सका है एनबीएसयू

सदर में अब तक नवजात के इलाज के लिए न्यू बोर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (NBSU) चालू नहीं किया जा सका है. इसकी वजह से गंभीर नवजात को रेफर किया जा रहा है. जबकि सदर अस्पताल के पास 8 वार्मर के साथ एक वेंटिलेटर भी उपलब्ध है. हालांकि सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजकुमार सिंह बताते हैं कि अब बीमार बच्चों को इलाज के लिए रेफर नहीं किया जाएगा. अगले सप्ताह तक आठ बेड के साथ NBSU को शुरू कर दिया जाएगा. तैयारी पूरी कर ली गई है. बता दें कि NBSU में प्रीमैच्योर बेबी, कम वजन वाले शिशु, सांस की समस्या वाले शिशु, पीलिया या डायरिया पीड़ित नवजात को भर्ती किया जाता है. यहां बेबी वार्मर से लेकर फोटोथैरेपी आदि की व्यवस्था होगी.

SNMMCH पर कम होगा लोड

सदर अस्पताल में NBSU शुरू होने से SNMMCH के NICU या PICU में मरीजों का लोड कम होगा. सदर समेत प्रखंड के बीमार बच्चे पहले यहां भर्ती होंगे. यहां जांच में अति गंभीर पाए जाने पर ही बच्चों को SNMMCH भेजा जाएगा. अभी सभी बीमार बच्चे सीधे SNMMCH भेज दिए जाते हैं. यह">https://lagatar.in/dhanbad-35th-ganesh-mahotsav-begins-in-digwadih-pandals-open-ganpati-bappa-gives-darshan/">यह

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