यह प्रेरणा अपनी मां से मिली थी: अनिल खेमका
उन्होंने कहा कि उन्हें वर्तमान सरकार से उम्मीद है. अनिल खेमका ने कहा कि पहली रोटी गोमाता कार्यक्रम की शुरुआत 25 जून 2021 को की गई थी. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से वह लगभग 650 परिवारों को जोड़ चुके हैं. कहा कि यह प्रेरणा उन्हें अपनी मां शारदा देवी खेमका से मिली थी, जिन्होंने कहा था कि गो माता की सेवा से बड़ा तीर्थ कोई नहीं है. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिये लावारिस गायों को भी दो वक्त का भोजन मिल रहा है. उन्होंने आम लोगों से भी इस कार्यक्रम से जुड़ने की अपील की. यह भी पढ़ें: धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-vaccination-of-female-bovine-is-being-done-to-prevent-infertility/">धनबाद:बांझपन से बचाने के लिए कराया जा रहा मादा गोवंश का टीकाकरण [wpse_comments_template]

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