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धनबाद:  ग्रामीण क्षेत्रों में आग बुझाने के संसाधन ही नहीं

 
Akshay Kumar Choube Topchachi : तोपचांची (Topchachi )  एक ओर जहां जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग  स्कूल-कॉलेज एवं अन्य संस्थाओं में फायर सुरक्षा सप्ताह के तहत विविध आयोजन कर रहा है, वहीं यह जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसे तमाम संस्थानों में आग से बचाव की कोई व्यवस्था है ही नहीं. सिर्फ नागरिकों को जागरूक करने से क्या फायदा, जब उनके पास आग बुझाने के संसाधन ही न हों. ग्रैंड ट्रंक रोड ( जीटी रोड ) पर ही  बरही से मैथन तक एक सौ से अधिक बड़े होटल व ढाबे हैं, जहां फायर सेफ्टी का पर्याप्त प्रबंध नहीं है. तोपचांची बाजार में शान ए पंजाब होटल में लगी भीषण आग के बाद अग्निशमन दल के सेफ्टी अफसर लक्ष्मण प्रसाद ने भी स्वीकार किया कि निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई. जीटी रोड पर सैकड़ों छोटे-बड़े होटल एवं प्रतिष्ठान हैं, लेकिन कहीं फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है. जहां तक जिले के ग्रामीण क्षेत्र की बात है तो तोपचांची जैसे सुदूर क्षेत्र से धनबाद जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 30 किलोमीटर  है. अगलगी की घटना होने पर इतनी दूर से फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है. लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन एवं फायर ब्रिगेड की टीम की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अगलगी जैसी घटना से निपटने के लिए थानों में ही वाहन के साथ अग्निदल रखने की  व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि अगर इन क्षेत्रों में अगलगी की घटना होती है तो तुरंत पहुंच कर काबू पाया जा सके और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके. दिलचस्प बात तो यह है कि  जिला प्रशासन एवं फायर ब्रिगेड की ओर से फायर सुरक्षा सप्ताह जिला मुख्यालय के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेज तथा अन्य जगहों पर चलाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों कालेजों में फायर सुरक्षा के बारे में बताया जाता है, परंतु अगलगी के दौरान अपना हाथ जगन्नाथ ही काम आता है. अग्निशमन दस्ता तो बाद में पहुंचता है. [wpse_comments_template]
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