Dhanbad : धनबाद (Dhanbad) बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के भेलाटांड़ स्थित नव निर्मित कैंपस में साइंस विषयों के लैब तैयार नहीं हैं. बिना लैब के ही विश्वविद्यालय ने शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है. लगभग सभी विषयों की शिफ्टिंग पूरी भी कर ली गयी है. पांच अप्रैल से नए कैंपस में शुरू होने वाले फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी समेत अन्य संबंधित विद्यार्थियों को बिना प्रैक्टिकल के ही सिर्फ थ्योरी की पढ़ाई से ही संतोष करना पड़ेगा. विद्यार्थियों को चिंता रही है कि व्यवस्था ऐसी ही रही तो वे प्रैक्टिकल में कमजोर हो जाएंगे.
15 दिन पहले भेजा गया है फंड का प्रोपोजल
बता दें कि एक और जहां नए परिसर में सभी विषयों की शिफ्टिंग के बाद उनकी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है. दूसरी ओर मात्र 15 दिन पूर्व विश्वविद्यालय की ओर से एमएचआरडी को लैब, आधारभूत संरचना, लाइब्रेरी समेत अन्य संसाधनों के लिए 43 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव भेजा गया है. एमएचआरडी से फंड पास होने व विश्वविद्यालय तक पहुंचने और लैब के निर्माण में अभी महीनों लग जाएंगे. तब तक विद्यार्थियों को सिर्फ थ्योरी की कक्षा से ही काम चलाना पड़ेगा. सिर्फ किताबी नॉलेज पर भरोसा
विशेषज्ञों की मानें तो लैब और प्रैक्टिकल के अभाव में विद्यार्थियों को मात्र किताबी जानकारी होगी. केमिस्ट्री जैसे विषय में ऐसे विद्यार्थी केमिकल का उपयोग नहीं सीख पाएंगे. जब वे पास आउट होकर किसी कंपनी में काम करने जाएंगे तो उन्हें कई तरह की व्यावहारिक परेशानी झेलनी पड़ेगी. पीके रॉय कॉलेज में होना चाहिए लैब का संचालन
अभाविप छात्र नेता अंशु तिवारी ने विश्वविद्यालय की इस व्यवस्था पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नए परिसर में लैब का निर्माण होने तक प्रैक्टिकल वाले विषय का संचालन पीके रॉय कॉलेज में ही करना चाहिए था, जिससे कि विद्यार्थियों को लैब का लाभ मिलता रहता. बिना लैब के कक्षाओं को शिफ्ट करना गलत
पूर्व छात्र संघ सचिव विशाल महतो ने कहा कि बिना लैब के कक्षाओं को शिफ्ट करना गलत है. इससे विद्यार्थी में प्रैक्टिकल की नॉलेज कम होगी जिससे उन्हें भविष्य में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. [wpse_comments_template]
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