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धनबाद: किसी यमराज से कम नहीं हैं झरिया के ये खुले कुएं

Jharia : झरिया (Jharia)   झरिया शहर के व्यस्त व भीड़ भाड़ वाले इलाकों में कई खुले कुएं हैं, जो किसी अनजान व्यक्ति की मौत का कारण बन सकते हैं अगर शीघ्र ही इन मौत के कुओं की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो किसी बडे़ हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता. झरिया शहर में कई ऐसे कुएं हैं, जिनकी तुलना यमराज से की जाती है. शिव मंदिर रोड स्थित खुला कुआं, बोरापट्टी स्थित कीर्तन भवन का कुआं, लालबाजार स्थित बड़ा कुआं, उपरकुल्ही,  चौथाईकुल्ही, कतरास मोड़ समेत कई ऐसे जगहों पर आज भी कई कुएं खुले मौत को आमंत्रित करते रहते हैं. इन खुले कुओं को ढकने के लिए न प्रशासन और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कोई कदम उठाया है. ये खुले कुएं, अधिकतर भीड़ भाड़ व अति व्यस्त इलाकों में हैं. किसी का ध्यान इन कुओं पर नहीं जाता. घरेलू झगड़े, मानसिक तनाव या किसी तरह की परेशानियों से घिरे कई लोगों ने अब तक इन खुले कुओं में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है.

  हाल की कुछ प्रमुख घटनाएं

झरिया के शिव मंदिर रोड स्थित पिंकू केशरी नामक मोबाइल दुकानदार ने 14 अगस्त 2022 को कुएं में कूद कर जान दे दी. झरिया के लाल बाजार स्थित बड़े कुएं में 25 अप्रैल 2022 को मछली विक्रेता सपन धीवर ने कूदकर आत्महत्या कर ली. फुलारीबाग स्थित खुले कुए में छवि देवी नामक बुजुर्ग महिला ने 10 सिंतबर 2022 को कूद गई और जान गंवा बैठी. दो वर्ष पूर्व बिहार बिल्डिंग परिसर के खुले कुएं में मानबाद निवासी पांच बेटियों के पिता विनोद साव ने कुएं में कूदकर कर अनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी. [wpse_comments_template]

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