जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए विभाग प्रयासरत है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रबला खेस ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, प्रतियोगिता परीक्षाएं समेत कई शारीरिक एक्टिविटीज का भी आयोजन किया जा रहा है. इस बार के बेहतर परीक्षा परिणाम से यह स्पष्ट होता है कि पढ़ाई में सुधार हुआ है. प्राइवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर पहले से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्कूलों में मुफ्त किताब बांटी गई. खेलकूद के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को फिट रखने का भी काम किया जा रहा है. स्कूलों में बच्चों को खुद की रक्षा के लिए भी प्रशिक्षण दिया जाना है. नामामी गंगे के तहत छात्र-छात्राओं के लिए तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की गई है. 18 से 20 जुलाई तक चलनेवाली इस प्रतिगिता में 7वीं से 10वीं तक के बच्चे भाग लेंगे.
मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से 6000 बच्चे लाभान्वित होंगे
उन्होंने कहा कि स्कूलों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए अलग से कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. उन्हें पढ़ने के लिए ब्रेन लिपी बुक भी उपलब्ध कराई गई है. सभी बच्चों को पौधरोपण व स्वच्छता को लेकर भी जागरूक किया जाता है.बाल सांसद के दायित्व के बारे में अक्सर जानकारी दी जाती है. 13 जुलाई से मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का जिले के करीब 6000 बच्चे लाभान्वित होंगे. वहीं, ओलंपियाड में लगभग 3300 छात्र भाग लेंगे. डीएसई ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम में भाग लेने जिले के दो छात्र गोवा जाएंगे.प्राइवेट से कई मामलों में बेहतर हैं सरकारी स्कूल
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा की प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में खर्च अधिक देना पड़ता है. वहीं, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खाना, ड्रेस, फ्री किताब के साथ ही अन्य कई सुविधाएं मिल रही हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-pickup-van-hit-bike-rider-dragged-one-hundred-meters-one-dead/">धनबाद:पिकअप वैन ने बाइक सवार को टक्कर मारी, सौ मीटर घसीटा, एक की मौत [wpse_comments_template]

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