पढाई की नींव ही कमजोर, क्या सीखेंगे बच्चे
धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय भटमुरना का कुछ ऐसा ही हाल है. स्कूल के बच्चे जमीन पर बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं. एक अधूरे कमरे में एक साथ तीन क्लास के बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है. स्कूल में 1 से कक्षा 8 तक की पढ़ाई होती है,जबकि कमरे मात्र तीन हैं. हालत यह है कि एक ही कमरे में क्लास 1 से 3 तक के बच्चों को पढ़ाया जा रहा है. अब अगर प्रारंभिक पढाई की नींव ही ठीक नहीं हो तो बच्चे कितना सीख पाएंगे, यह सवाल बना हुआ है.एक ब्लैक बोर्ड तीन भाग में बांट कर होती है पढ़ाई
कमरे के ब्लैक बोर्ड को तीन भाग में बांट कर गुरुजी बच्चों को उनका पाठयक्रम बता रहे हैं. एक तरफ शिक्षक पढा रहे हैं तो दूसरी ओर अन्य कक्षा के बच्चे मस्ती कर रहे हैं. यह पढ़ाई के नाम पर खिलवाड़ जैसा दिखता है. एक ही कमरे में पढ़ाई करने वाले बच्चे पढ़ रहे हैं. परंतु तस्वीर बयां कर रही कि वे कितना सीख पा रहे हैं.फंड आया और वापस भी हो गया : अभिलाषा झा
स्कूल की सहायक प्रधानाध्यापक अभिलाषा झा कहती हैं कि 1 से 8 क्लास के बच्चों के लिए जो संसाधन उपलब्ध है, उसमें ईमानदारी से पढाई करा रही हैं. अब कमरे पांच ही हैं तो एक कमरे में एक साथ तीन क्लास के बच्चों को बैठाकर पढाई कराना मजबूरी है. कमरे बनवाने के लिए फंड आया और वह वापस भी हो गया. लगभग दो साल से कमरे अधूरे पड़े हैं. यह भी पढ़ें:">https://lagatar.in/dhanbad-science-students-will-be-able-to-graduate-in-any-subject/">धनबाद : साइंस के विद्यार्थी किसी भी विषय में कर सकेंगे स्नातक [wpse_comments_template]

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