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धनबाद : तीन कॉलेज तैयार पर सरकार की हरी झंडी का इंतजार, इस साल भी नामांकन नहीं

Niraj Kumar Dhanbad : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय [BBMKU] के तीन नए माडल कॉलेजों में सत्र 2022 से स्नातक की पढ़ाई शुरू होने की संभावना ख़त्म हो गई है. क्योंकि विवि प्रशासन ने अब अपने 10 अंगीभूत, 20 संबद्ध और अल्पसंखयक कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ऐसे में तय हो गया है कि टुंडी, जामाडोबा और गोमिया में बन रहे तीन नए मॉडल डिग्री कॉलेजों में नामांकन की आस लगाए बैठे विद्यार्थियों को अब अगले सत्र का इंतज़ार करना होगा.

जामाडोबा, टुंडी के कॉलेज तैयार, विभागीय प्रक्रिया में उलझा 

तीन कॉलेजों में से झरिया विधानसभा क्षेत्र के जामाडोबा और धनबाद विधानसभा क्षेत्र के टुंडी में बन रहा डिग्री मॉडल कॉलेज तैयार हैं. लेकिन विवि के प्रयास के बाद भी इस वर्ष का सत्र प्रारंभ होने तक राज्य सरकार से इन कालेजों के लिए न तो पद सृजन से संबंधित कोई आदेश आया है और न ही अब तक कालेजों में पढ़ाए जाने वाले विषयों को लेकर कुछ तय हुआ है. BBMKU की तर्ज पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अधीन भी डिग्री मॉडल कॉलेज खुले हैं, जिसके लिए राज्य सरकार से आदेश आ चुका है. ऐसे में कह सकते हैं कि विभागीय प्रक्रिया में बीबीएमकेयू प्रशासन उलझा रह गया.

मॉडल कॉलेजों का निरीक्षण और हैंडओवर प्रक्रिया भी अटका

नए मॉडल कॉलेजों को BBMKU को हैंडओवर से पहले विवि की टीम का निरीक्षण होना है. इसके लिए अलग-अलग कमेटी भी बन चुकी है. पर निरीक्षण नहीं होने की वजह से हैंडओवर की प्रक्रिया भी अब तक अटकी है. विश्वविद्यालय के भेलाटांड़ के नए भवन को बिना थर्ड पार्टी मूल्यांकन के हैंडओवर लेने को लेकर शिक्षक संघ के एक ग्रुप ने विरोध किया था. इसे देखते हुए नए मॉडल कॉलेजों के भवन का निरीक्षण के पूर्व कमिटी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है. पूरी स्थिति पर विवि के अधिकारी कहते हैं कि जब तक सरकार से पद सृजन का आदेश और पढ़ाई जाने वाले विषयों को लेकर संबद्धता नहीं मिल जाती हैं, तब तक नामांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकती है.

विद्यार्थियों को लगानी होगी 15 से 20 किलोमीटर की दौड़

टुंडी, गोमिया और जामाडोबा के नजदीक के डिग्री कॉलेज क्रमशः आरएस मोर, चास कॉलेज चास और आरएसपी कॉलेज झरिया है. तीनों स्थानों पर मॉडल डिग्री कॉलेज शुरू नहीं होने से यहाँ के विद्यार्थियों में मायूसी है. यहाँ नामांकन लेने का सपना संजोए विद्यार्थियों को अब अगले तीन वर्षों तक स्नातक की पढ़ाई 15 से 20 किलो मीटर दूर के कॉलेजों से करनी होगी. यह भी पढ़ें : मां">https://lagatar.in/dhanbad-8-year-old-son-said-after-seeing-mothers-dead-body-dont-make-noise-or-else-mother-will-wake-up/">मां

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