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धनबाद: पंचेत डैम में छोटी मछलियों को बचाने के लिए चट व कोचाल जाल वालों को खदेड़ा

 
Nirsa  : निरसा (Nirsa) पंचेत डैम में कुछ मछुआरों द्वारा चट व कोचाल जाल के इस्तेमाल के खिलाफ मंगलवार 14 जून को मछुआरों ने मोर्चा खोल लिया. मछुआरों ने डैम में चट एवं कोचाल जाल के इस्तेमाल करने वालों को दौड़ाया. घोलटू अंसारी, कुर्बान मास्टर, मनोज धीवर का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं नेताओं से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. कुछ दिन पहले उपायुक्त धनबाद एवं विधायक मथुरा महतो से भी लिखित शिकायत की गई थी. शुक्रवार को कालूबथान ओपी को भी लिखित शिकायत दी गई. जानकारी हो कि पंचेत डैम से कालूबथान, बलियापुर तक करीब 27 किलो मीटर के दायरे में रंगामाटी, दांदूघुटु, तलबेड़िया, सतभेटिया, श्यामलपुर, उरमा, खारोडीह, कटराल, दलदली, बांद्रा बाद, डुमरिया, खडापाथर, आंखबेड़िया तक कुल दो दर्जन से अधिक गांवों के अधिकतर परिवार मछली पकड़ने के रोजगार से जुड़े हैं.

  मछली पकड़ने से ही होता है गुजर-बसर

यहां औसतन दो से तीन टन मछली पकड़ कर व्यपारियों को बेचते हैं. यहां की मछली व्यापारी कोलकाता की मंडियों में ले जाते हैं. परेशानी यह है कि कुछ व्यापारियों ने खैरा, कजली, तिरसा की मांग बाजार में ज्यादा होने के कारण इन मछलियों को छोटे जाल, चट एवं कोचाल से पकड़ना शुरू कर दिया है. इस कारण बहुत सी प्रजातियों की मछलियां छोटी अवस्था में ही मर जाती हैं. इसका असर उसके व्यवसाय पर पड़ता है. मत्स्य विभाग ने जून से अगस्त तक प्रजनन काल होने के कारण इस पर रोक लगा रखी है. मत्स्य जीवी जाकिर अंसारी का कहना है कि सरकार ने भी मछली पकड़ने के लिए जाल के साइज को लेकर दिशा निर्देश दिया है. विरोध करने वालों में अलटू अंसारी, कुर्बान मास्टर, मुख्तार अंसारी, अताउर अंसारी, मनोज धीवर, लालबाबू, मुस्तकीम,अजहर, अनवर रज्जाक, जैनुल, वशीर, शफीक, रियाज़ आदि शामिल हैं.

  क्या कहते हैं जिला मत्स्य अधिकारी

जिला मत्स्य अधिकारी मो. मुजाहिद अंसारी का कहना है कि चट एवं कोचाल जाल के इस्तेमाल पर रोक के लिए कालूबथान और पंचेत ओपी को लिखा गया है. पुलिस वैसे लोगों को पकड़ कर मुकदमा दर्ज कर सकती है. यदि पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है तो पकड़ कर साक्ष्य सहित दें, उसके खिलाफ विभाग मुकदमा दर्ज किया जाएगा. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-fisheries-department-gave-information-about-government-schemes-to-cooperatives/">धनबाद:

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