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धनबाद: सहायक नदियों के सूखने से सीमा पर सिकुड़ रहे ट्रांसबाउंड्री रिवर बेसिन

 
Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  सहायक नदियों के सूखने से दो देशों की सीमा पर ट्रांसबाउंड्री रिवर बेसिन सिकुड़ रहे हैं, जिससे जल ग्रहण क्षेत्र में परिवर्तन आ रहा है. इससे जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा, कृषि उत्पादकता का नुकसान, महामारी, आपदा, भूजल की कमी, मिट्टी का कटाव, मरुस्थलीकरण जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं. इससे ट्रांसबाउंड्री पर रहने वाले 40 प्रतिशत लोग पानी की कमी से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं. यह तथ्य आईआईटी-आईएसएम धनबाद के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में सामने आया है.

   गंगा की सहायक बांकी नदी पर किया शोध

आईआईटी के वैज्ञानिकों की टीम ने यह रिपोर्ट 1991 से 2001 तक गंगा की सहायक बांकी नदी के लगभग 53 किलोमीटर के क्षेत्र पर अध्ययन कर प्रस्तुत किया है. रिपोर्ट ने बताया गया है कि यही स्थिति विश्व की अन्य बड़ी नदियों अमेजॉन, नील, मिसिसिपी, येलो, यांग्त्जी, एनेसी, ब्रह्मपुत्र, गंगा, सिंधु की भी है. रिपोर्ट में इन नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा, भोजन की कमी जैसी समस्याओं के जूझने के उदाहरण दिए गए हैं.

  शोध में ये रहे शामिल

बता दें कि आईआईटी के पर्यावरण विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रो अंशुमाली के नेतृत्व में वैज्ञानिकों की एक टीम ने "प्रशासनिक सीमाओं का मोरफ़ोमेट्रिक चित्रण और संकटग्रस्त श्रेणियों का वर्गीकरण" विषय पर एक शोध किया था. शोध में परियोजना सहायक राहुल कुमार पांडे, राहुल कुमार गुप्ता के साथ सीनियर रिसर्च फेलो संचित कुमार का भी योगदान रहा. [wpse_comments_template]
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