Dhanbad : धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) के एनआईसीयू वार्ड में भर्ती नवजात के इलाज में घोर लापरवाही बरती जा रही है. स्थिति यह है कि एनआईसीयू वार्ड की वार्मर मशीन पर एक साथ चार नवजात को रखकर इलाज किया जा रहा है. एसएनएमएमसीएच के एनआईसीयू में कुल 11 वार्मर मशीन हैं. सभी वार्मर में दो से चार नवजात का इलाज चल रहा है. एनआइसीयू में वार्मर की संख्या बढ़ाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कई बार पहल की लेकिन, मुख्यालय से कोई जवाब नहीं आया. डॉक्टरों के अनुसार एक वार्मर मशीन पर एक से अधिक नवजात को नहीं रखा जा सकता है. ऐसा करने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों को सबसे अधिक इन्फेक्शन का खतरा होता है. इसके बाद भी लापरवाही बरती जा रही है. एक बच्चे को कोई गंभीर इंफेक्शन होने पर दूसरे बच्चों को में भी फैलने का खतरा रहता है.
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हर दिन 10 से 15 नवजात एनआईसीयू में होते हैं भर्ती
अस्पताल के आंकड़े के अनुसार, एनआईसीयू में इलाज के लिए हर दिन 10 से 15 नवजात भर्ती होते हैं. अस्पताल में गंभीर स्थिति में जन्मे बच्चों के अलावा दूसरे जिलों से भी गंभीर स्थिति में नवजात एसएनएमएमसीएच पहुंचते हैं. एनआईसीयू में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, लगभग हर दिन यही स्थिति बनी रहती है. उन्होंने बताया कि वार्मर मशीन कम और नवजात की संख्या ज्यादा होने से कई बार तो एक मशीन पर तीन-चार बच्चों को रख कर इलाज किया जाता है. यह भी पढ़ें : हेमंत">https://lagatar.in/hemant-government-is-doing-better-work/">हेमंतसरकार बेहतर कार्य कर रही हैः मंत्री मिथिलेश [wpse_comments_template]
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