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धनबाद: दृष्टि दिव्यांग शिक्षक की दो छात्राओं को मिली जेआरएफ में सफलता

Dhanbad : धनबाद (Dhanbad)  पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के हिंदी विभाग के दृष्टिबाधित शिक्षक प्रो गिरीश शांडिल्य के मार्गदर्शन में दो छात्राओं ने यूजीसी की प्रतिष्ठित परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट में जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए क्वालीफाई किया है.  इनमें से गोविंदपुर के शहरपुरा गांव की निवासी छात्रा हेमंती कुमारी के पिता नहीं हैं. आर्थिक अभाव में भी छात्रा ने शिक्षा का दामन नहीं छोड़ा. हेमंती को 84 परसेंटाइल प्राप्त हुए हैं. वहीं जोधाडीह मोड़ चास निवासी आयुषी कुमारी को 99.67 परसेंटाइल प्राप्त हुए हैं. दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षक गिरीश के अलावा अपने माता-पिता को दिया है.

                     2017-19 बैच की हैं छात्राएं

[caption id="attachment_608630" align="aligncenter" width="209"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/shandilya-209x300.jpeg"

alt="" width="209" height="300" /> दृष्टिबाधित शिक्षक गिरीश शांडिल्य[/caption] प्रो शांडिल्य ने बताया कि दोनों छात्राएं सत्र 2017-19 की हैं. पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद दोनों उनके मार्गदर्शन में रही. लगभग तीन वर्ष के कठिन परिश्रम के बाद दोनों छात्राओं को सफलता मिली. बताया कि जेआरएफ में चयन के बाद उन्हें 31 हज़ार रुपये का स्कॉलरशिप और लगभग पांच हज़ार का एचआरए मिलेगा. उन्हें किताबें खरीदने के लिए भी अलग से पैसे मिलेंगे. दो वर्ष बाद सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ़) में प्रोमोशन के बाद स्कॉलरशिप की राशि बढ़ कर 40-45 हज़ार रुपए हो जाएगी. स्कॉलरशिप अधिकतम पांच वर्षों तक या रिसर्च पेपर जमा करने तक मिलेगा.

  पहले भी मिल चुकी है सफलता

बता दें कि यूजीसी के नेट 2022 में भी दृष्टिदिव्यांग शिक्षक गिरीश के मार्गदर्शन में तीन छात्राओं ने जेआरएफ के लिए क्वालीफाई किया था. इस वर्ष लगातार दूसरे वर्ष उनके विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई है. [wpse_comments_template]

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