वीआरएस स्कीम के तहत नहीं मिली नौकरी तो लगाई गुहार, सुनवाई 16 अगस्त को
Dhanbad: पूर्वी सिंहभूम के जादूगोडा में यूरेनियम का उत्पादन करने वाले केंद्र सरकार का उपक्रम यूसीआईएल 126 बेरोजगार युवकों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा है. उन्हें वीआरएस स्कीम के तहत नौकरी देने में कंपनी आनाकानी कर रही है. आज इस मामले में डीजीएमएस स्थित श्रम न्यायालय में जज के नहीं बैठने के कारण सुनवाई नहीं हुई. अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी. यह जानकारी गुरुवार 15 जून को गांधी सेवा सदन में आजसू के संस्थापक सह घाटशिला के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने दी. उन्होंने कहा कि यूसीआईएल में काम करने वाले तमाम कर्मचारियों ने वीआरएस स्कीम के तहत नौकरी से त्यागपत्र दे दिया है. इसके बाद उनके बेटों को यह नौकरी मिलनी थी. कंपनी ने तमाम प्रक्रियाएं पूरी करते हुए फाइनल लिस्ट तैयार कर ली. पैनल में तमाम अभ्यर्थियों का नाम भी आ गया. तभी ज्वायनिंग से ठीक पहले कंपनी की ओर से एक पत्र जारी किया गया, जिसमें वीआरएस के जरिये कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया को रद्द करने की बात कही गई थी. इसके बाद जिन्होंने वीआरएस लिया है, उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया है. उन्होंने कहा कि युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे. यहां न्याय नहीं मिला तो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. मौके पर आजसू के जिला अध्यक्ष मंटू महतो सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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